देश का सबसे बड़ा बैंक फ्रॉड, 34000 करोड़ की हेराफेरी.., 415 करोड़ की प्रॉपर्टी जब्त

नई दिल्ली: यस बैंक-DHFL केस में केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ा एक्शन लिया है. इस फ्रॉड केस से संबंधित दो बिल्डरों की 415 करोड़ रुपये की संपत्ति ED ने जब्त कर ली है. इसी मामले में एक दिन पहले ही जांच एजेंसी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर को जब्त कर लिया था. जाँच एजेंसी ने जिन लोगों पर कार्रवाई की है, उन पर मनी लॉन्ड्रिंग और धोखाधड़ी का इल्जाम है.

बता दें कि DHFL फ्रॉड केस को देश का सबसे बड़ा बैंक फ्रॉड माना जाता है. जिन दो बिल्डरों की प्रॉपर्टी जब्त की गई है, उनमें संजय छाबड़िया और अविनाश भोसले का नाम शामिल है. दोनों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है. यस बैंक-DHFL फ्रॉड का घोटाला 34,000 करोड़ रुपये का है. संजय छाबड़िया रेडियस डेवलपर्स के अध्यक्ष हैं, जबकि अविनाश भोसले ABIL इंफ्रास्ट्रक्चर के प्रमुख हैं. इन दोनों बिल्डरों को पहले ही यस बैंक-दीवान हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड (DFHL) मामले में अरेस्ट किया जा चुका है. देश के सबसे बड़े बैंकिंग फ्रॉड के इस मामले में 34,000 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप है. इस घोटाले में 17 बैंकों के उस सहायता संघ (consortium) का पैसा डूब गया है, जिस consortium को यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की अध्यक्षता में स्थापित किया गया था.

इस मामले में CBI पहले से ही अपनी तफ्तीश कर रही है. पिछले सप्ताह CBI ने एक कार्रवाई में पुणे में अविनाश भोसले की एक प्रॉपर्टी पर अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर पाया था, जिसके बाद एजेंसी ने उसे जब्त कर लिया गया था. बुधवार को मुंबई के सांताक्रूज में 116.5 करोड़ रुपये की एक लैंड पार्सल, छाबड़िया की कंपनी के 25 फीसद इक्विटी शेयर वाले बेंगलुरु में स्थित 115 करोड़ के एक लैंड पार्सल, सांताक्रूज में 3 करोड़ रुपये का एक और फ्लैट, दिल्ली एयरपोर्ट पर छाबड़िया से जुड़ा एक होटल, जिसकी कीमत 13.67 करोड़ रुपये है और संजय छाबड़िया की 3.10 करोड़ रुपये की तीन हाई-एंड लग्जरी कारें जब्त की गईं.

इसके साथ ही अविनाश भोसले की संपत्ति भी सीज की गई है. मुंबई में 102.8 करोड़ का एक डुप्लेक्स फ्लैट, पुणे में 14.65 करोड़ की एक लैंड पार्सल, पुणे में ही 29.24 करोड़ की एक और लैंड पार्सल, नागपुर में 15.52 करोड़ का प्लॉट और नागपुर में ही 1.45 करोड़ का प्लॉट को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सीज कर लिया है. ये तमाम कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट, 2002 (PMLA) के तहत की गई है. इसी कानून के तहत दोनों प्रॉपर्टी बिल्डरों की संपत्ति सीज कर ली गई है. यस बैंक-DHFL फ्रॉड मामले में यस बैंक के सह संस्थापक राणा कपूर और DHFL के प्रमोटर कपिल वधावन और धीरज वधावन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी, जिसके बाद इन सभी आरोपियों पर कार्रवाई जारी है.

इस FIR में कहा गया है कि राणा कपूर ने कपिल वधावन और अन्य आरोपियों के साथ सांठगांठ कर यस बैंक के जरिये DHFL को आर्थिक लाभ पहुंचाया. इसके एवज में राणा कपूर को काफी रकम मिली. राणा कपूर और उनके परिवार की कंपनियों को इस धोखाधड़ी के बदले काफी पैसा मिला. इसी मामले में पिछले सप्ताह एक तलाशी अभियान के दौरान CBI ने कई करोड़ रुपये की पेंटिंग्स और घड़ियां सीज की थीं. बता दें कि, राणा कपूर वहीं हैं, जिनसे कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने 2 करोड़ रुपए में एक पेंटिंग खरीदी थी, ये सौदा भी काफी विवादों में रहा था.

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