मनी लॉन्ड्रिंग मामला: ईडी ने किया बड़ा खुलासा, दलाली के पैसों से खरीदी थी वाड्रा ने संपत्ति

Feb 11 2019 09:15 AM
मनी लॉन्ड्रिंग मामला: ईडी ने किया बड़ा खुलासा, दलाली के पैसों से खरीदी थी वाड्रा ने संपत्ति

नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोनिया गाँधी के दामाद राबर्ट वाड्रा की लंदन स्थित बेनामी संपत्ति को खरीदने के लिए जुटाई गई धनराशि की तह तक पहुंचने का दावा किया है। वाड्रा से तीन दिन तक लगातार पूछताछ करने वाले ईडी के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, लंदन स्थित आवास (पता - 12, ब्रायंस्टन स्क्वायर) कोरियाई कंपनी सैमसंग इंजीनियरिंग की तरफ से दी गई दलाली की राशि से खरीदा गया था। दलाली गुजरात के दाहेज में बनने वाले ओएनजीसी के एसईजेड से सम्बंधित निर्माण का ठेका मिलने के बदले में दिया गया था। ईडी अब इस ठेके की भी तह में जाकर जांच कर रहा है।

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ईडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया है कि सैमसंग इंजीनियरिंग को दिसंबर, 2008 में दाहेज में बनने वाले एसईजेड के लिए आर्डर मिला था। इसके ठीक छह महीने के बाद 13 जून, 2009 को सैमसंग ने संजय भंडारी की कंपनी सैनटेक को 49:9 लाख डॉलर (तत्कालीन विनिमय दर के हिसाब से लगभग 23:50 करोड़ रुपये) दिए थे। संजय भंडारी ने बाद में इसमें से 19 लाख पाउंड (तत्कालीन विनियम दर के हिसाब से लगभग 15 करोड़ रुपये) वोर्टेक्स नाम की एक कंपनी में ट्रांसफर कर दिए। ईडी का दावा है कि इसी पैसे का उपयोग 12, ब्रायंस्टन स्क्वायर की संपत्ति खरीदने के लिए किया गया। 2010 में भंडारी का रिश्तेदार सुमित चड्ढा इसी संपत्ति की मरम्मत कराने के लिए वाड्रा को ईमेल भेजकर अनुमति मांग रहा था।

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यही नहीं, बाद में एक ईमेल में सुमित चड्ढा ने मरम्मत के पैसे का इंतज़ाम करने के लिए भी कहा था, जिस पर वाड्रा ने मेल पर जवाब देते हुए मनोज अरोड़ा को इसका इंतज़ाम करने का निर्देश दिया था। घर की मरम्मत पर करीब 45 लाख रुपये खर्च किए गए थे। ईडी के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया है कि सैमसंग इंजीनियरिंग को मिले आर्डर और संजय भंडारी को हुए भुगतान की नए सिरे से जांच की जाएगी तथा इसके लिए संबंधित अधिकारियों को जल्द ही पूछताछ के लिए तलब किया जाएगा। उन्होंने कहा है कि राबर्ट वाड्रा की लंदन स्थित इस संपत्ति को खरीदने के लिए जुटाई गई धनराशि के लेन-देन की पूरी चेन का पता चल चुका है। अब बस अदालत में इसे साबित करने लायक सुबूत जुटाने की जरुरत है, जिनमे से काफी सुबूत पहले ही जुटाए जा चुके हैं।

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