आखिर क्यों पॉलीथिन पहनकर कोरोना वार्ड में काम कर रहे है कर्मचारी? समाने आया चौकाने वाला खुलासा

सागर: कोरोना संक्रमण ने सबको हैरान परेशान करके रख दिया है. वहीं मध्य प्रदेश के सागर से कोरोना योद्धा से जुड़ा हुआ एक मामला सामने आया है. शहर में कोरोना मरीजों के बीच काम करने वाले कोरोना योद्धा सुरक्षित नहीं हैं. वार्ड ब्वाय और सफाईकर्मियों को पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट (पीपीई) किट के नाम पर पतली पॉलीथिन का सूट थमा दिए गए है. इसमें फेस मास्क व शू-कवर और हुड नहीं मिला है. इसके आलावा मेडिकल कालेज के डीन व अधीक्षक से गुहार लगाने के बाद भी एन-95 मास्क तक नसीब नहीं हो पा रहे है. कोरोना योद्धा सिर पर पॉलीथिन पहनकर कोरोना वार्ड में जाने को विवश हो गए हैं.

दरअसल बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (बीएमसी) में कार्यरत सफाई कर्मचारी शुक्रवार को डीन कार्यालय पहुंचे. उन्होंने इस संबंध में डीन डॉ. आरएस वर्मा से कहा कि वे दिन में कई बार संक्रमित मरीजों के वार्ड में सफाई करते हैं, भोजन-पानी देने जाते रहते हैं. संक्रमित मरीजों के पलंग और आसपास की सारी गंदगी साफ करते हैं. ऐसे में हमें पीपीई किट के नाम पर बरसाती जैसा बॉडी सूट दे दिया गया है.

आपको बता दें की इसमें सिर ढंकने के लिए हुड भी नहीं दिया है. मास्क भी नहीं है. हमें जुगाड़ कर अपने स्तर पर सुरक्षा का ध्यान रखना पड़ रहा है. हाईट्स कंपनी अपने स्तर पर यह संसाधन अवेलेबल नहीं करा रही है. ऐसे में वे आरपार दृश्यता के लिए बाजार से पॉलीथिन खरीद कर लाए और इन्हीं को पहनकर, सिर व चेहरे का बचाव करने की जुगत लगा रहे हैं. ताकि खुद संक्रमित न हो जाए. मास्क की जगह कपड़े के गमछे और चुन्नी को तीन तहों में लपेट रहे हैं.

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