नवजात के माता पिता ने की ममता और मानवता को शर्मसार

श्योपुर : एक ऐसी सनसनीखेज घटना जो आपको भी सोचने पर मजबूर जरुर करेगी जी हा एक ऐसी ही घटना हाल ही में श्योपुर में घटी। श्योपुर के जिला अस्पताल में एक ऐसे नवजात ने जन्म लिया जिसका दिल सीने से बाहर धड़क रहा था। इस नवजात को जन्म के बाद पबन में रखा गया लेकिन आठ घंटे बाद के बाद उस नवजात के दिल की धड़कन हमेशा हमेशा के लिए थम गई।

नवजात की म्रत्यु के बाद उसके शव को परिजन को सौप दिया लेकिन उस नवजात के साथ माँ बाप ने ऐसी बेरुखी की जो ममता और मानवता को शर्मसार करने के लिए काफी है इस दम्पती ने अपनी मृत संतान के शव को आस्पताल के बाहर आते ही पास की झाड़ियो में फैककर चले गए। दो दिन के बाद एक राहगीर को कपडे में लिपटा हुआ एक नवजात का शव दिखा जिसे कुत्तो ने बुरी तरह से नोच दिया था उस युवक ने इसकी सुचना पुलिस को दी तथा जब पुलिस ने इसकी छानबीन की तब पता लगा की कि इस नवजात को शहर से सटे कलारना गांव की सरोज पत्नी शंकरलाल आदिवासी ने 1 फरवरी को जन्म दिया था। जिसका दिल शरीर से बाहर लटक रहा था जिसे देखकर डाक्टर भी हैरान रह गए।

कार्यवाही के बाद कोतवाली टीआई सतीश सिंह चौहान ने बताया कि पीएम करवाने के बाद बच्चे का शव उसके परिजनों का दे देंगे। यदि वह शव लेने राजी नहीं होंगे तो पुलिस बच्चे का अंतिम संस्कार करेगी। जब बच्चे का जन्म हुआ तब ही डाक्टारो को उसका जिन्दा रहना संभव नहीं लगा लेकिन फिर भी प्रयास किया गया लेकिन आठ घंटे के बाद उस नवजात ने दम तोड़ दिया।

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