धर्म के नाम पर किया चुनाव प्रचार, आयोग ने योगी-माया को थमाया नोटिस

धर्म के नाम पर किया चुनाव प्रचार, आयोग ने योगी-माया को थमाया नोटिस

नई दिल्ली: निर्वाचन आयोग ने उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ और पूर्व सीएम तथा बसपा प्रमुख मायावती को चुनाव अभियान के दौरान आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में नोटिस जारी कर जवाब माँगा है. उपचुनाव आयुक्त संदीप सक्सेना ने गुरुवार (11 अप्रैल) को जानकारी देते हुए बताया है कि सीएम योगी को मौजूदा चुनाव प्रक्रिया के दौरान आचार संहिता के उल्लंघन का दूसरा नोटिस भेजा गया है. सीएम योगी के खिलाफ मेरठ में एक चुनावी रैली के दौरान 'अली' और 'बजरंगबली' वाली टिप्पणी करने को लेकर कारण बताओ नोटिस भेजा है.

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नोटिस के मुताबिक, आयोग ने माना है कि प्रथम दृष्टया सीएम योगी ने चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन किया है. आयोग ने उनसे शुक्रवार की शाम तक जवाब देने के लिए कहा है. सीएम योगी ने लोकसभा चुनावों की तुलना इस्लाम में महत्वपूर्ण शख्सियत ‘अली’ और हिंदू देवता ‘बजरंगबली’ के बीच मुकाबले से कर दी थी. भाजपा नेता ने कहा था कि अगर कांग्रेस, सपा, बसपा का विश्वास अली पर है तो हमारा विश्वास भी बजरंग बली पर है.

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सूबे के सीएम योगी ने देवबंद में बसपा अध्यक्ष मायावती के उस भाषण की तरफ संकेत करते हुए यह टिप्पणी की थी, जिसमें मायावती ने मुस्लिमों से सपा-बसपा गठबंधन के पक्ष में मतदान करने की अपील की थी। इस बीच चुनाव आयोग ने मायावती को देवबंद में एक रैली के दौरान मुस्लिम वोटरों को कांग्रेस की जगह पर सपा-बीएसपी-रालोद महागठबंधन को वोट देने की अपील की शिकायत पर भी नोटिस भेजा है. आयोग ने नोटिस में मायावती के बयान से प्रथम दृष्टया आचार संहिता का उल्लंघन करने का दोषी पाते हुए 24 घंटे में जवाब देने के लिए कहा है.   

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