मायावती ने मुसलमानों से की थी वोट की अपील, चुनाव आयोग ने लिया स्वतः संज्ञान

मायावती ने मुसलमानों से की थी वोट की अपील, चुनाव आयोग ने लिया स्वतः संज्ञान

नई दिल्ली: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो मायावती के देवबंद में संयुक्त रैली में दिए भाषण पर सहारनपुर जिले के डीएम ने रिपोर्ट निर्वाचन आयोग को पहुंचा दी है। मामले में निर्वाचन आयोग ने स्वत: संज्ञान लेते हुए डीएम से रिपोर्ट तलब की थी। फिलहाल मामले को लेकर निर्वाचन आयोग ने कोई फैसला नहीं दिया है। इस संबंध में भाजपा ने भी चुनाव आयोग से शिकायत की है। 

फिलहाल, बयान को लेकर मायावती की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है, किन्तु सोशल मीडिया पर बसपा समर्थक कार्रवाई को लेकर निर्वाचन आयोग पर सवालिया निशान लगा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि बसपा-सपा-रालोद की पहली संयुक्त रैली सहारनपुर जिले के देवबंद में आयोजित की गई थी। पहली बार सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव, बसपा अध्यक्ष मायावती और रालोद प्रमुख चौधरी अजित सिंह एक साथ एक स्टेज साझा करते दिखाई दिए थे। इसी रैली को संबोधित करते हुए मायावती ने वेस्ट यूपी के मुसलमानों से आग्रह किया था कि वे कांग्रेस के झांसे में न आएं और भाजपा को शिकस्त देने के लिए गठबंधन के प्रत्यशियों को ही वोट दें।

मायावती ने कहा था कि मैं मुस्लिम समुदाय को सतर्क करती हूं कि कांग्रेस उत्तर प्रदेश में भाजपा से लड़ने के योग्य नहीं है। मात्र गठबंधन भाजपा को चुनौती दे सकता है। कांग्रेस ये बात जानती है, लेकिन उनका कहना है कि हम जीतें या ना जीतें, लेकिन गठबंधन नहीं जीतना चाहिए। उन्होंने ऐसी जाति और धर्म के लोगों को चुनावी मैदान में उतारा है, जिससे भाजपा को लाभ हो। बसपा अध्यक्ष के इसी बयान को स्वत: संज्ञान लेते हुए चुनाव आयोग ने डीएम सहारनपुर से रिपोर्ट मांगी थी।

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