दिल्ली में मचा हाहाकार, खराब मौसम के चलते रोजाना जा रही है लोगों की जान

नई दिल्ली: भारत में प्रतिकूल मौसम से संबंधित घटनाओं की वजह से रोजाना औसतन लगभग आठ व्यक्तियों की मौत हो गई है। इसमें सबसे ज्यादा मौत भारी वर्षा की वजह से पैदा हुई स्थिति, आकाशीय बिजली गिरने, लू, गर्जना तूफान, शीतलहर तथा धूलभरी आंधी की वजह से हुई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा संकलित विषम मौसमी घटनाओं की वजह से साल 2010 से 2021 के मध्य तक होने वाली मौतों की संख्या से यह बात सामने आई है।

वही इसमें बताया गया है, "विषम मौसमी घटनाओं की वजह से बीते साढ़े ग्यारह सालों की अवधि में 32,043 व्यक्तियों की मौत हुई।" इस तरह रोजाना औसतन लगभग आठ व्यक्तियों की मौत हो रही है। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय द्वारा प्रकाशित जलवायु परिवर्तन संबंधी ताजा रिपोर्ट में बताया गया है कि बीसवीं सदी के मध्य से भारत में औसत तापमान में बढोत्तरी देखी गई है, मानसूनी बारिश में कमी आई है, विषम तापमान एवं वर्षा के मामलों, सूखा तथा समुद्र के जलस्तर में बढोत्तरी हुई है।

साथ ही इसमें बताया गया है कि गंभीर चक्रवात की तीव्रता में बढोत्तरी हुई है तथा क्षेत्रीय जलवायु में इन बदलावों के पीछे मानवीय गतिविधियां पाए जाने के बहुत बाध्यकारी वैज्ञानिक साक्ष्य पाए गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, "21वीं सदी में भी मानव प्रेरित जलवायु परिवर्तन इसी रफ़्तार से जारी रहने की संभावना है।" वहीं मौसम विज्ञान विभाग द्वारा संकलित आंकड़ों के मुताबिक, सर्वाधिक बारिश की वजह से उत्पन्न स्थितियों की वजह से वर्ष 2010 से 2021 के मध्य तक 13,303 व्यक्तियों की मौत हुई जबकि लू की वजह से 6,495 तथा शीतलहर की वजह से 2,489 व्यक्तियों की मौत हुई। 

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