घर घर में हुआ इकोफ्रेंडली गणेश विसर्जन

जैसा की सब जानते है आज हमारे प्यारे गणपति बप्पा अपने घर वापस जा रहे है. देश भर में आज गणपति विसर्जन का कार्यक्रम किया जायेगा. कोई नदियों में भगवान का विसर्जन करेगा तो. कही तालाबों में भगवान लम्बोदर का विसर्जन होगा. लेकिन ये तो बात हुई आस्था की लेकिन अगर बात की जाये पर्यावरण की तो आज नदी-तालाबों का पानी प्रदूषित होने से नहीं बच पायेगा. क्योकि आज कल भगवान की मूर्ति प्लास्टर और पेरिस की बनी होती है. जो की पानी में पूरी तरह गल नहीं पाती है और जल प्रदूषित होता है. वही इससे हमारी आस्था को भी ठेस पहुचती है.

क्योकि भगवान की ये मूर्ति पानी में न गलने के कारण नदी-तालाब के किनारो पर इकठ्ठा हो जाती है. तो इस बात को ध्यान में रखते हुए. जिससे जल प्रदुषण भी नहीं होता और आस्था को भी कोई नुकसान नहीं होता. दरअसल भगवान की इन मूर्तियों को आप अपने घर पर ही विसर्जित कर सकते है. जिसमे आप एक टब या टंकी में पानी भरकर भगवान का उसमे विसर्जन कर सकते है. और फिर जब मूर्ति गल जाये तो आप उस पानी को पेड़ पोधो और गमलो में इस्तेमाल कर सकते है. इससे हमारे प्यारे गणेश जी हमेशा हमारे पास ही रहेंगे. 

जिससे आप पानी को प्रदूषित होने से बचा सकते है और साथ ही आप पेड़ के लिए उपयुक्त मिटटी और पानी से एक नया पौधा लगा सकते है. क्योकि इससे आप भगवान के द्वारा बनाई गई प्रकृति को नुकसान न पहुंचाते हुए. प्रकृति के लिए कुछ योगदान दे सकेंगे. और हमारे प्यारे गणेश जी हमारे आस पास मौजूद रहेंगे.  एक छोटी सी मुहीम पर्यावरण और भगवान के प्रति आस्था को साथ लाने की. और आखिर मैं आप सभी को गणेश उत्सव की ढेर सारी बधाई और शुभकामनाये. जय श्री गणेश..

- Sponsored Advert -

Most Popular

- Sponsored Advert -