ऐ जिंदगी रुक जा जरा

जिंदगी, रुक जा जरा। 
धीरे से चल, जी लेने दे जरा।
किस बात की है जल्दी?
अभी मिली अभी चल दी? 
आओ मिलके ढूंढे मंजीलका किनारा,
धीरे से चल, जी लेने दे ज़रा।
पलक झपकते ही निकल ना जाना,
हाथोंसे मेरे फिसल ना जाना।
गुजरा कल न आये दोबारा,
धीरे से चल, जी लेने दे ज़रा।
मिली तू नसीबसे,
दवासे, दुवासे, इश्वरकी कृपासे।
इस दुवाका कर्ज उतार लूँ जरा,
धीरे से चल, जी लेने दे ज़रा।
दामनमें तेरे कई अफ़साने,
गम और ख़ुशी के कई नजराने।
तेरी पहेलियोंको समझ लूँ ज़रा,
धीरे से चल, जी लेने दे ज़रा।

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