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जानें क्या होती है ई-सिगरेट, हृदय के लिए कैसे है घातक

Sep 08 2019 05:00 AM
जानें क्या होती है ई-सिगरेट, हृदय के लिए कैसे है घातक

सिगरेट लवर्स के बीच आजकल ई-सिगरेट (E-Cigarette)का क्रेज काफी बढ़ गया है। आज के युवाओं का मानना है कि ई-सिगरेट बाकी सिगरेट की तुलना में कम नुकसानदेय है। अगर आप भी ऐसा ही सोचते हैं आपको बता दें कि ऐसा बिल्कुल नहीं है। ये उतनी ही खतरनाक है जितनी सामान्य सिगरेट होती है। एक रिसर्च में इस बारे में पता चला है कि ई-सिगरेट में वही विषाक्त रासायनिक पदार्थ मौजूद होते हैं जो तम्बाकू के धुएं में पाए जाते हैं। इससे फेफड़ों का जीवाणु रोधी रक्षा तंत्र बाधित होता है। इसलिए इसका बैन होना अति आवश्यक है। 

क्या होती है ई-सिगरेट 
ई-सिगरेट एक तरह का इलेक्ट्रॉनिक इन्हेलर होता है, जिसमें निकोटीन और अन्य रसायनयुक्त तरल भरा जाता है। ये इन्हेलर बैट्री की ऊर्जा से इस लिक्विड को भाप में बदल देता है, जिससे पीने वाले को सिगरेट पीने जैसा एहसास होता है। ईएनडीएस ऐसे उपकरणों को कहा जाता है, जिनका प्रयोग किसी घोल को गर्म कर एरोसोल बनाने के लिए किया जाता है, जिसमें विभिन्न स्वाद भी होते हैं। लेकिन ई-सिगरेट में जिस लिक्विड का इस्तेमाल किया जाता है, वह कई बार निकोटिन होता है और कई बार उससे भी ज्यादा खतरनाक रसायन होते हैं। इसके अलावा कुछ ब्रांड्स ई-सिगरेट में फॉर्मलडिहाइड का इस्तेमाल करते हैं, जो बेहद खतरनाक और कैंसरकारी तत्व हैं।

हृदय संबंधी गंभीर समस्याएं
चिकित्सकों का कहना है कि ई-सिगरेट में इस्तेमाल होने वाला निकोटिन नशीला पदार्थ है, इसलिए पीने वाले को इसकी लत लग जाती है। इसकी लत कम समय में पड़ जाती है। अगर थोड़े दिन के ही इस्तेमाल के बाद अगर पीने वाला इसे पीना बंद कर दे, तो उसे बेचैनी होने लगती है। जानकारी देते हुए चितिसकों ने कहा, चूंकि ई-सिगरेट में सामान्य सिगरेट की तरह तंबाकू का इस्तेमाल नहीं किया जाता है, इसलिए लोग इसे सुरक्षित मान लेते हैं। लेकिन ये ह्रदय के लिए घातक हो सकती है।

चिकित्सा विशेषज्ञों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुआई में बनी नई सरकार से बच्चों और युवाओं में तेजी से फैल रही ई-सिगरेट (इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट), की लत पूरे देश में रोक लगाने की मांग की है। इस विषय पर चिकित्सकों का कहना है कि समाज में यह गलत धारणा फैलाई गई है कि तंबाकू युक्त वाली सिगरेट की तुलना में ई-सिगरेट कम नुकसानदायक होती है। इस गलत धारणा के कारण ही युवाओं में इसका चलन बढ़ रहा है। यही कारण है कि बच्चों और युवाओं में ई-सिगरेट पीने की लत तेजी से बढ़ रही है, जबकि तमाम अध्ययनों एवं अनुसंधानों से यह साबित हो चुका है कि ई-सिगरेट भी सामान्य सिगरेट जितनी ही नुकसानदायक होती है।

36 देशों में प्रतिबंधित है बिक्री
विशेषज्ञ का कहना है कि ई-सिगरेट से होने वाले दुष्प्रभावों को देखते हुए देश में पंजाब, कर्नाटक, केरल, बिहार, उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, पुदुच्चेरी, झारखंड और मिजोरम सहित देश के 12 राज्यों में ई-सिगरेट, वेप और ई-हुक्का के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लग चुका है। दुनियाभर में 36 देशों में भी ई-सिगरेट की बिक्री प्रतिबंधित है।