पांच साल में सात गुना बढ़ा डुप्लीकेट प्रोडक्ट का मार्केट

नई दिल्ली - देश में फास्ट मूविंग कंज्यूमर्स गुड्स (एफएमसीजी ) के डुप्लीकेट प्रोडक्ट का मार्केट तेजी से बढ़ रहा है . पिछले पांच सालों में डुप्लीकेट प्रोडक्ट का मार्केट सात गुना तक बढ़ गई है.

साढ़े चार लाख करोड़ के एफएमसीजी के बाजार में 25 फीसदी हिस्सेदारी डुप्लीकेट प्रोडक्ट की है .इसकी मांग गांवों , कस्बों और छोटे शहरों में है . यह बिजनेस करीब एक लाख करोड़ का बन चुका है. केपीएमजी - फिक्की की रिपोर्ट के अनुसार 2010 में एफएमसीजी का बाजार जब एक लाख करोड़ का था जब डुप्लीकेट प्रोडक्ट 15 हजार करोड़ का था.यह हर साल बढ़ता रहा .

2014 में एफएमसीजी का बाजार 3 .2 लाख करोड़ का था , तब डुप्लीकेट मार्केट 68 हजार करोड़ का था . इसी तरह 2015 में यह एफएमसीजी के 3.5 लाख करोड़ के व्यवसाय की तुलना में 98 हजार करोड़ रुपए तक पहुँच गया.

यहां यह उल्लेख उचित है कि एफएमसीजी सेक़्टर में जहाँ 10 - 11 फीसदी की वृद्धि हुई जबकि नकली प्रोडक्ट के क्षेत्र में यह वृद्धि 50 फीसदी की हुई . इस नकली चीजों के व्यवसाय से असली बिजनेस को 15 फीसदी का नुकसान हो रहा है.

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