पठानकोट हमला : सुरक्षा में हुई थी चूक, ख़राब फ्लड लाइट के कारण आतंकी घुसे अंदर

Jan 07 2016 03:06 PM
पठानकोट हमला : सुरक्षा में हुई थी चूक, ख़राब फ्लड लाइट के कारण आतंकी घुसे अंदर

पठानकोट : पठानकोट हमले के बाद से एनआईए की टीम पठानकोट पहुंच कर हर बारीक कड़ी को जोड़ने की कोशिश कर रही है। ऐसे में सुरक्षा के लिहाज से कौन सी चूक हो गई, ये अब सामने आई है। आतंकी एयरबेस में घुसने में इसलिए कामयाब हुए क्यों कि उस रात एयरबेस की फेसिंग फ्लड लाइट काम नही कर रही थी। एयरबेस की 11 मीटर की ऊंची दीवार अंधेरे में थी।

आतंकी इसी का फायदा उठाकर एयरबेस में घुस गए। दीवार के पास यूकेलिप्टस के पेड़ लगे हए थे, जो उनके लिए मददगार साबित हुआ। यह दावा एक प्रतिष्ठित अखबार का है। अखबार का कहना है कि उसने यह जांच प्रत्यक्षदर्शियों, पुलिस और सेना के अधिकारियों, खुफिया एजेंसियो और दिल्ली, चंडीगढ़ और पठानकोट में सरकारी अधिकारियों से बातचीत के आधार पर की है। इससे पहले रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर भी यह स्वीकार कर चुके है कि सुरक्षा में कहीं न कहीं चूक हुई है।

इससे पहले खुफिया एजेंसियां आशंका जता रही थी कि आतंकी सीमापार से ड्रग्स तस्करी के रास्ते ही भारत आए थे। बामियाल गांव के किनारे पैदल चलने वालों के पैरों के निशान भी देखे गए थे। ये निशान सबसे पहले एक रिटायर्ड फौजी ने देखे थे और इस बात की सूचना तुरंत पुलिस को भी दी गई थी। पुलिस और खुफिया विभाग का कहना है कि आतंकी सीमांत गांव भगवाल होकर आए होंगे। इसे बीएसएफ ने नकार दिया है। उनका कहना है कि घुसपैठ करने की कोई वीडियो फुटेज भी नही मिली है।

अखबार ने बीएसएफ के पूर्व डीजी गुरबचन जगत से बात की। उन्होंने भी स्वीकारा है कि नदियों की फेंसिंग करना बेहद मुश्किल काम है, लेकिन दूसरा माध्यम भी है। नदियों पर नेट लगाकर सुरक्षा की जा सकती है। टेक्निकल सर्विलांस को मजबूत किया जाए और लगातार गश्ती की जाए तो घुसपैठ के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।