न्यूनतम स्तर पर आए कच्चे तेल के दाम, Coronavirus है इसका कारण

न्यूनतम स्तर पर आए कच्चे तेल के दाम, Coronavirus है इसका कारण

कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से गिरावट देखने को मिली है। इसके अलावा चीन और उसके पड़ोसी देशों में जानलेवा कोरोना वायरस के प्रकोप के चलते तेल की कीमतों में यह गिरावट देखी गई है। कोरोना वायरस से तेल की वैश्विक मांग में कमी आई है। इस वायरस के चलते अकेले चीन की तेल खपत में 20 फीसद तक की गिरावट आ गई है।वही  मांग में कमी के चलते कच्चे तेल की फ्यूचर प्राइस मंगलवार को 50 डॉलर प्रति बैरल से भी नीचे आ गई, जो कि करीब एक साल का न्यूनतम स्तर है।कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का सीधा असर पेट्रोल-डीजल की कीमतों में गिरावट के रूप में देखने को मिल रहा है।

 पेट्रोल-डीजल की कीमत में बीती 12 जनवरी से करीब तीन रुपये प्रति लीटर तक की गिरावट आ चुकी है।क्रूड ऑयल WTI का फ्यूचर भाव मंगलवार सुबह साढ़े चार बजे करीब 49.78 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेंड कर रहा था, जो कि करीब एक साल का इसका न्यूनतम स्तर है।इसके अलावा  क्रूड ऑयल का फ्यूचर भाव आज मंगलवार को 49.92 बैरल प्रति लीटर पर खुला है और सुबह 9 बजे तक इसके भाव ने 49.66 डॉलर प्रति लीटर से 50.59 डॉलर प्रति लीटर के बीच ट्रेंड किया है। बताया जा रहा है कि क्रूड ऑयल का फ्यूचर प्राइस पिछले सत्र में 50.11 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ था। 

इसके अलावा , ब्रेंट ऑयल की बात की जाए , तो यह मंगलवार सुबह सवा तीन बजे 54.14 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेंड कर रहा था। ब्रेंट ऑयल मंगलवार को 54.18 डॉलर प्रति औंस पर खुला है और सुबह 9 बजे तक इसके फ्यूचर भाव ने 53.95 डॉलर प्रति बैरल से 54.86 डॉलर प्रति बैरल के बीच में ट्रेंड किया है। गौरतलब है कि ब्रेंट ऑयल का फ्यूचर भाव बीते सत्र में 54.45 डॉलर प्रति बैरल बर बंद हुआ था। वही चीन की एनर्जी इंडस्ट्री से जुड़े लोगों के मुताबिक , दुनिया के सबसे बड़े आयातक की तेल डिमांड में करीब तीन मिलियन बैरल प्रति दिन की गिरावट आई है। मांग में यह गिरावट कोरोना वायरस के चलते काम-काज रुक जाने के कारण आई है।

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