चर्बी घटाना है तो अपनाए यह तेल

एक वक्त था जब नारियल के तेल को लेकर कई रिसर्च हुईं. ज्यादातर में कहा गया कि इसमें सेचुरेटेड फैट की मात्रा ज्यादा होती है इसलिए इसलिए इसका इस्तेमाल कम से कम किया जाए. मगर हमें इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि वो सभी रिसर्च हाइड्रोजिनेटेड रिफाइंड तेल को लेकर हुई हैं. 

आज एक्सट्रा वर्जिन नारियल तेल न्यूट्रीशन की दुनिया में एक बड़ा हीरो बनकर उभरा है. वर्जिन कोकोनट ऑयल आम नारियल तेल से न केवल अलग है बल्कि काबिलेतारीफ भी है. पुरानी रिसर्च में इसके इस्तेमाल के प्रति क्यूं चेताया गया था इसकी वजह आप जान लें. हमारी बॉडी फैट को उस तरह से इस्तेमाल नहीं करती जिस तरह से प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट को करती है. हमारी बॉडी फैट को पहले फैटी एसिड में बदलती है. इनसे लीपोप्रोटीन्स का निर्माण होता है और तब उनसे एनर्जी मिलती है. इस प्रोसेस में फैट का कुछ हिस्सा बॉडी में जमा भी हो जाता है.

मगर वर्जिन कोकोनट ऑयल में मिडियम चेन फैटी एसिड होता है. ज्यादा विज्ञान में जाए बगैर आप इतना समझ सकते हैं इसका इस्तेमाल बॉडी फैट की तरह नहीं बल्कि प्रोटीन व कार्बोहाइड्रेट की तरह करती है. ये सीधी लीवर में जाता है और तुरंत एनर्जी में बदल जाता है. इसका शरीर में इधर उधर घूमने और जम जाने का चांस नहीं है. इसलिए जो लोग फैट लॉस या लीन मसल्स की राह में हैं वो एक्स्ट्रा वर्जिन या वर्जिन कोकोनट ऑयल का इस्तेमाल बेधड़क कर सकते हैं. क्योंकि ये वो फैट है जो फैट बर्न करता है.

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