DRDO ने बनाए 2 स्वदेशी वार्निंग सिस्टम, इंडियन एयरफोर्स को सौंपे जाएंगे

नई दिल्ली: रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने रक्षा निर्माण के क्षेत्र में एक और बड़ी सफलता हासिल की है. DRDO ने रडार वार्निंग रिसीवर (RWR) और मिसाइल अप्रोच वार्निंग सिस्टम (MAWS) डेवलप किया है, जिसे जल्द ही इंडियन एयरफोर्स को सौंपा जाएगा. आत्मनिर्भर भारत अभियान (AtmaNirbhar Bharat) के तहत एक और बड़ी सफलता प्राप्त करते हुए DRDO ने आज गुरुवार को एक ट्वीट कर इस बारे में जानकारी दी है.

ट्वीट में DRDO ने बताया कि रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने रडार वार्निंग रिसीवर (RWR) और मिसाइल अप्रोच वार्निंग सिस्टम (MAWS) तैयार किया है, जिसे C295 प्रोग्राम के लिए BEL से एयरबस, स्पेन द्वारा खरीदा जाएगा और फिर इंडियन एयरफोर्स को डिलीवर किया जाएगा. इस शानदार काम के लिए टीम DLRL के प्रयासों को नमन.

बता दें कि, रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) की तरफ से जानकारी दी गई कि अल्ट्रा वायलेट बेस्ड मिसाइल एप्रोच वार्निंग सिस्टम (UVMAWS) एक पैसिव मिसाइल चेतावनी प्रणाली है, जिसका कार्य आने वाले मिसाइल हमलों का पता लगाना है और पायलटों को जवाबी कार्रवाई शुरू करने की चेतावनी देना है. यह अल्ट्रा वायलेट मिसाइल अप्रोच वार्निंग सिस्टम कम बिजली की खपत और कम वजन के साथ एक छोटे आकार की उच्च प्रदर्शन प्रणाली (High Performance System) है, जो हेलिकाप्टर्स और परिवहन विमानों के लिए बेहद कारगर है.

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