चन्द्र ग्रहण की वजह से बंद हुए मंदिरों के कपाट

Jul 27 2018 06:47 PM
चन्द्र ग्रहण की वजह से बंद हुए मंदिरों के कपाट

आज रात सदी का सबसे बड़ा चन्द्र ग्रहण लगने वाला है। रात 11.54 से शुरू होने वाला ये ग्रहण 3 घंटे 55 मिनट तक चल कर अगले दिन 28 जुलाई सुबह 3.49 पर खत्म होगा। इस ग्रहण का सूतक काल आज दोपहर 2 बजकर 54 मिनट से शुरू हो गया है । यह 28 जुलाई को रात्रि 03: 49 बजे तक तक रहेगा। 

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धार्मिक गुरुओ के अनुसार इस सूतक काल को अशुभ माना जाता है, जिसमें शुभ कार्य करने वर्जित होते है। आमतौर पर इस दौरान पूजा करने को भी अशुभ माना जाता है। इसीलिए अधिकतर मंदिरो मे सभी खिड़की दरवाजे बंद कर दिये गये है। ये दरवाजे अब सूतक काल के खतम होने के बाद यानी 28 जुलाई रात्रि 03:49 बजे के बाद ही खोले जाएंगे।

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पंडितो के अनुसार ग्रहण के दौरान पूजा-पाठ के इन कार्यो को करने से भी बचना चाहिए-

-सूतक के समय भोजन नहीं करना चाहिए। जल का भी सेवन नहीं करना चाहिए। ग्रहण से पहले ही जिस पात्र में पीने का पानी रखते हों उसमें तुलसी के कुछ पत्ते डाल देने चाहिए। 

-धार्मिक मान्यताओ के अनुसार चंद्र ग्रहण के समय गर्भवती महिलाओं को ग्रहण की छाया से विशेष रूप से बचना चाहिए।

-सूतक ग्रहण समाप्ति के बाद धर्म स्थलों को फिर से पवित्र किया जाता है।

- चंद्रग्रहण पर दान पुण्य करने को लाभदायक माना जाता है।

-ग्रहण खत्म होने के तुरंत बाद स्नान करना चाहिए। 

- खाने पीने की जिन चीजों को फेंका नहीं जा सकता उनमे तुलसी के कुछ पत्ते डाल के रख देना चाहिए।

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