डाॅक्टरों ने जीती उम्र की लड़ाई, अधिकारियों के चेहरे लटके

चंडीगढ़ : हरियाणा में सरकारी डाॅक्टरों ने सेवानिवृत्ति हेतु निर्धारित उम्र की लड़ाई मनोहरलाल खट्टर सरकार से जीत ली है। सरकार से मिली जीत के कारण डाॅक्टर तो प्रसन्न हो गये है लेकिन अधिकारियों के चेहरे लटक गये है। बीते लंबे समय से सरकारी चिकित्सक द्वारा अपनी सेवानिवृत्ति की आयु में बढ़ोतरी करने की मांग की जाती रही है।

डाॅक्टरों के साथ ही स्वास्थ्य विभाग के प्रशासनिक अधिकारियों ने भी अपनी सेवानिवृत्ति उम्र को बढ़ाने की मांग सरकार से की थी। बुधवार को खट्टर सरकार ने निर्णय लेते हुये चिकित्सकों के लिये सेवानिृत्त की उम्र 65 वर्ष करने का ऐलान किया है। अभी तक यह आयु 58 वर्ष की थी। सरकार ने स्वास्थ्य विभाग के प्रशासनिक अधिकारियों के लिये सेवानिवृत्ति की आयु यथावत ही रखी है। चिकित्सकों का कहना है कि सेवानिवृत्ति की उम्र में बढ़ोतरी होने से राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं में ओर अधिक सुधार होगा।

फिर से दे सकते है सेवा

खट्टर सरकार ने न केवल चिकित्सकों की सेवानिवृत्ति की आयु को बढ़ाने का ऐलान किया है वहीं यह भी कहा है कि सेवानिवृत्ति के बाद भी चिकित्सक सरकारी सेवा दे सकते है। बुधवार को उम्र बढ़ाने के लिये बैठक का आयोजन किया गया था। इसमें राज्य के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज समेत अन्य कई सरकार के प्रमुख मौजूद थे।

हरियाणा राज्यसभा चुनाव : स्याही विवाद...

- Sponsored Advert -

Most Popular

- Sponsored Advert -