सरकारी अस्पतालों से डॉक्टर के साथ-साथ पैरामेडिकल स्टाफ भी गायब

नई दिल्ली : दिल्ली के सरकार अस्पतालों में सातवें वेतन मान को लेकर सभी डॉक्टर हड़ताल पर है। गुरुवार की सुबह से ही डॉक्टरों ने काम बंद कर दिया। इसे देखते हुए वहां के फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन समेत सभी पैरामेडिकल स्टाफ भी नदारद हो गए।

इससे मरीजों को दोहरा वार झेलना पड़ा। न तो उन्होने इलाज मिला और न ही दवाइयां। जांच रिपोर्ट के लिए भी मरीजों को इधर-उधर भागना पड़ा। इसके बाद गार्डो ने मरीजों को देखते ही गेट बंद करना शुरु कर दिया। लोकनायक अस्पताल में सुबह 8 बजे से जब मरीजों का आना शुरु हुआ तो उन्हें पता चला कि डॉक्टर हड़ताल पर है।

कई लोगों ने बताया कि वो दोदिन पहले आए थे, तो डॉक्टर ने उन्हें आज की तारीख दी थी। हड़ताल का असर लोकनायक अस्पताल में एक दिन पहले ही शुरु हो गया था। सैकड़ों की तादाद में मरीज दवा के लिए खड़े थे, लेकिन उन्हें दवाइयां नहीं मिली। दोपहर 2 बजे से शाम के 4 बजे तक दवा काउंटर बंद रहा।

फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन की अगुवाई में दिल्ली के सरकारी डॉक्टर हड़ताल पर है। हड़ताल शुक्रवार सुबह 9 बजे तक जारी रहेगी। इस दौरान आपताकाल सेवाएं बाधित नहीं हुई। लोकनायक और डॉ हेडगेवार अस्पताल से मरीजों को रेफर किया गया। बुधवार की दोपहर से ही मरीजों की छुट्टी का सिलसिला शुरु हो गया।

एम्स में आए बाहरी राज्यों के मरीजों व उनके परिजनों को धक्के खाने पड़े। सफदरगंज के डॉक्टरों ने हड़ताल पर जाने का फैसला टाल दिया। गुरुवार की सुबह डॉक्टरों ने सातवें वेतन की मांग करते हुए पत्र लिखकर कहा कि वो मरीजों की परेशानी को ध्यान में रखते हुए हड़ताल पर नहीं जा रहे है। लेकिन वे हड़ताल की मांग का पूरा समर्थन करते है।

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