कोर्ट के आदेश के बाद डॉक्टर ने किया अबॉर्शन से इंकार, 13 साल की लड़की बनेगी माँ

By Lav Gadkari
Sep 12 2015 04:38 PM
कोर्ट के आदेश के बाद डॉक्टर ने किया अबॉर्शन से इंकार, 13 साल की लड़की बनेगी माँ

लखनउ : उत्तरप्रदेश में करीब 7 माह पूर्व एक किशोरी के साथ दुष्कर्म का मामला हुआ, मगर अब किशोरी प्रेग्नेंट है। चिक्तिसकों ने गर्भपात करने से इंकार कर दिया है। उनका कहना है कि यह किशोरी के स्वास्थ्य के लिए सही नहीं होगा वहीं कोर्ट ने भी चिकित्सकों की दलील को तरजीह दी है लेकिन किशोरी लोकलाज के कारण बच्चे को जन्म देना नहीं चाहती। अब वह पसोपेश में है। दरअसल 13 वर्ष में बच्ची पूरी तरह से परिपक्व नहीं हुई है ऐसे में गर्भधारण उसके लिए सामाजिक परेशानियां खड़ी कर सकता है। 13 वर्षीय एक बच्ची अब प्रेग्नेंट है। चिकितसकों द्वारा बच्ची का गर्भपात करने से इंकार कर दिया गया है। अब बच्ची और उसके अभिभावक पसोपेश में है।

बाराबंकी जिले के मसौली थाना क्षेत्र के मुजफ्फरपुर गांव के मजरा नेवला सरकंडा में कक्षा 5 में अध्ययन करने वाली छात्रा के साथ 17 फरवरी को दुष्कर्म किया गया। उक्त किशोरी पूजन-अर्चन के बाद लौट रही थी, इस दौरान रास्ते में उसके साथ दुष्कर्म हुआ। इसके बाद पीड़िता ने डर की वजह से घर वालों को कुछ नहीं बताया, लेकिन कुछ दिनों बाद किशोरी ने पेटदर्द की शिकायत की इस दौरान जब चिकित्सकों को परीक्षण करवाया गया तो उक्त किशोरी के गर्भवती होने की जानकारी मिली। मामले में 8 जुलाई को पीडि़ता के पिता द्वारा आरोपी के विरूद्ध शिकायत दर्ज करवाई गई है। 

इसके बाद इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनउ खंडपीठ ने पीड़िता को गर्भपात करवाने की मंजूरी दी, लेकर किंग जाॅर्ज मेडिकल विश्वविद्यालय के चिकित्सकों के पैनल ने पीडि़ता की जांच करने के बाद गर्भपात करने से इंकार कर दिया। कहा गया कि गर्भपात 5 माह की प्रेग्नेंसी में ही करवाया जा सकता है।

जानकारी सामने आई है कि जो शिशु गर्भ में पल रहा है वह करीब 7 माह का है जिसे जीवित निकालना होगा लेकिन 13 वर्ष की आयु में बच्ची का विकास नहीं हुआ है दूसरी ओर प्रसव के लिए सर्जरी की आवश्यकता भी बताई गई है। कहा गया है कि बच्चा प्री मैच्योर हो सकता है। मामला न्यायालय में पहुंचा तो न्यायालय ने भी चिकित्सकों की रिपोर्ट पर सहमति जताई। पीडि़ता पहले भी यह स्पष्ट कर चुकी है कि बच्चे के जन्म लेने के बाद वह जीवनभर का कलंक झेलेगी।