डीएमएसआरडीई ने बनाया अभेद्य सुरक्षा कवच

कानपुर : कानपुर के डिफेन्स मैटेरियल स्टोर्स रिसर्च एंड डेवलपमेन्ट इस्टेब्लिशमेंट अर्थात डीएमएसआरडीई ने देश की रक्षा में सीमा पर तैनात वीर जवानों की रक्षा के लिए बुलेटप्रूफ के रूप में एक ऐसा अभेद्य कवच बनाया है जिसे ए के 47 की हार्ड स्टील कोर बुलेट भी भेद नहीं सकती . यह बुलेटप्रूफ जैकेट 360 डिग्री कोण से बचाव करेगी.

इस बारे में डीएमएसआरडीई के कार्यकारी निदेशक एस बी यादव ने बताया कि ऐसी बुलेटप्रूफ जैकेट फिलहाल किसी देश के पास नहीं है. इस बुलेट प्रूफ को पांच साल के कठिन अनुसन्धान के बाद तैयार किया गया है . इसे ए के-47 की हार्ड कोर स्टील की बुलेट भी नहीं भेद सकेगी.इस बुलेट प्रूफ जैकेट की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें ऊपर की तरफ बोरॉन कार्बाइड की प्लेट लगाई गयी है और अंदर की तरफ अल्ट्रा पालिएथिलीन पॉलीमर की प्लेट लगाई गई है जिससे हार्ड स्टील कोर बुलेट भी इसको भेद नहीं सकती है. यह बुलेटप्रूफ जैकेट वजन में हल्की मजबूत और सख्त है.यह जैकेट सैनिक की सुरक्षा करने में पूरी तरह सक्षम है.

आपको बता दें कि नेशनल टेक्नोलॉजी डे के अवसर पर डीएमएसआरडीई द्वारा आयोजित प्रदर्शनी में इस खास बुलेटप्रूफ जैकेट के अलावा एंटी माइन जूते, हेलमेट, एनबीसी सूट,लाइफ जैकेट आदि प्रदर्शित किए गए.प्रदर्शनी को देखने कई शिक्षक और विद्यार्थी पहुंचे . इस प्रदर्शनी में एक खास मल्टी स्पेक्ट्रम सूट भी दिखाया गया जिसे पहनकर सैनिक अगर ग्रीन बेल्ट एरिया में चला जाए तो पेड़-पौधों में घुलमिल जाता है और रडार भी उसको पकड़ नहीं सकता है. इसे देखकर सब चकित रह गए.

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