पोलिटिकल चकरी में चिंगारियां उगलते नेताओं का दिवाली सेलिब्रेशन

ट्वीटर पर आ रहे बयानों ने दिवाली के कुछ दिन पहले से ही बम फोड़ना शुरु कर दिया है। दीवाली की चकरी में सभी नेता से लेकर अभिनेता सवार है, अब चकरी के घूमने के बाद किसे चक्कर और किसे चिंगारी मिलेगी ये तो थमने पर पता चलेगा। पर मोदी इसके बाद शाह से जरुर पूछेंगे कि अगला दंगा कहाँ हो, अमेठी, आगरा या आजमगढ़। इस पर शाह कह सकते है कि चलो बुलावा आया है हाफिज ने बुलाया है, पाक में कर आते है। वैसे भी बिहार में जब भाजपा जीतेगी तो पाक में पटाखें फूटे या नही ये भी तो जाँचना है। गूगलाधीश यह थोड़े ही बता पाएँगे।

हाथ में लालू का आलू बम लिए राहुल सुपर मैन बने उड़ रहे है, कभी फोटो पर फट जाते है तो कभी मम्मा की आँचल पकड़े मार्च पर निकल जाते है। पर इन सबके बीच में मौनी बाबा के रुप में अपने Ex-PM भी दिख जाते है, अरे अब कौन सी कालिख बाकी रह गई। मुलायम वैसे ही नही चल रहे, बिरादरी से पहले ही भगाए गए है,ऐसे में बाबा रामदेव का हाथ थामे और कुछ पेट-नाक की लंबाई-चौड़ाई कम कर लें। बाबा भी इसी बहाने चर्चा का स्वाद चख लेंगे। दिल्ली के एमसीडी के ढोल की आवाज से केजरीवाल कुम्हला गए है, तो दोनो ओर से बजकर एल जी साहब फटे पुराने चिथड़े हो गए है। कैसे करेंगे दीवाली में मेजबानी राज ठाकरे इस पर संशय है, क्योंकि दिल चाहता है गद्दी, पर यहाँ नगर निगम भी हाथ नही आ रहा, मन मसोसते हुए उद्दव की पाक लीला देखनी पड़ रही है।

नीतीश 8 को ही दीवाली मनाने की तैयारी में है, इसलिए कान में बाबा से मंत्र फूँकवा कर लालू से भरे कचरे को साफ कर रहे है। अब ऐसे में बिहार में सब बतिया रहे है कि माँझी सीएम साहब बन गए तो चुहों की जनसंख्या में बेतहाशा वृद्धि हो जाएगी। इडली-सांभर और बर्गर सब खाना है, बस जो मिल जाए लपक लेंगे शॉर्टगन। पर मिले तब तो, भई मिल तो ओवैसी को भी नही रहा पर फिर भी मिलावटी खोए के सहारे आगे बढ़ रहे है। मूंगफली के कतरन से बादाम बन सकते है तो राजनीति के रंगमंच पर सभी कठपुतली डांस भी कर सकते है, डांस के लिए पैसे मुंबई से बैंकॉक जाए उससे अच्छा यहाँ का यहीँ रह जाए। सियासत का रंग वैसे भी बड़ा रंगीन हो गया है, उसमें केसरिया चोला वाले साधु-साध्वी मल्टीसाउंड वाले पटाखों की धूम मचा रहे है। सही भी है, महंगाई डायन ने दीवाली के लिए कोई चटपटा डिश छोड़ा ही नही तो इसी से काम चलाना होगा। मिठाई पूरी तरह शुगर फ्री हो गई है और दाल बाटी में सिर्फ बाटी ही है।

आप त्योहार में स्मार्ट फोन से बधाई संदेश भेजेंगे पर जरा बच के आजम मियाँ इसी को रेप का बड़ा कारक मान रहे है। लाभ रतन धन सलमान को मिले न मिले पर इसके नए दावेदार हार्दिक है, क्यों कि दीवाली पर वो सीधे घनवे से फाचरिंग करेंगे, तभी तो दिल्ली तक आवाज पहुँचेगी। खैर पूरी दीवाली में कुछ पकवान बच जाए तो कुतों को भी दे दीजिएगा अब अकेले वीके सिंह कितना ख्याल रखेंगे।

- Sponsored Advert -

Most Popular

- Sponsored Advert -