कार फ्री डे को लेकर दिल्ली सरकार और दिल्ली पुलिस में तनातनी

नई दिल्ली : एक बार फिर दिल्ली पुलिस और दिल्ली की राज्य सरकार के बीच तनातनी बढ़ गई है। इस दौरान यह बात सामने आई है कि दिल्ली में कार - फ्री - डे कार्यक्रम मनाया जा रहा है। राज्य सरकार के मंत्रियों द्वारा केजरीवाल सरकार की महत्वाकांक्षी योजना को स्वीकृति दिए जाने से इंकार कर दिया गया है। सरकार द्वारा कहा गया कि पुलिस बल ने सरकार से इस बारे में चर्चा नहीं की है। मिली जानकारी के अनुसार पुलिस उपायुक्त बीएस बस्सी द्वारा कहा गया कि 22 अक्टूबर के अवसर पर इस तरह के आयोजन काफी जल्दबाजी होंगे। यह भी कहा गया है कि इस मामले में अव्यवहारिक कदम उठाए जा सकते हैं। 

दिल्ली पुलिस और आम आदमी पार्टी की सरकार के बीच कई मसलों पर विवाद हुआ है। दोनों ही पक्षों के मध्य नए सिरे से टकराव की स्थिति निर्मित होती है। दूसरी ओर अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार द्वारा लाल किले और इंडिया गेट के मध्य लोगों को बिना कार, पैदल या फिर पर्यावरण के लिए हितकर साधनों के प्रयोग पर ध्यान दिया जाएगा। यह भी कहा गया है कि  कार फ्री डे को लेकर कहा गया है कि राजनीतिक अहं इस मामले में बीच में नहीं आना चाहिए। 

इसका उद्देश्य सार्वजनिक परिवहन के उपयोग के लिए प्रेरित किया जाना और दिल्ली की हवा को साफ बनाने के लिए प्रदूषण स्तर कम करना है। इस मामले में केंद्रीय परिवहन मंत्री गोपाल राय द्वारा कहा गया कि कार फ्री डे को लेकर राजनीतिक अहं आड़े नहीं आना चाहिए। इस तरह के उद्देश्य के तहत लोगों को सार्वजनिक परिवहन के उपयोग हेतु प्रेरित करना बेहद आवश्यक है। दिल्ली की हवा को साफ रखने के लिए यह भी बेहद जरूरी है। 

इंडिया गेट के बीच के मार्ग पर भी कार फ्री डे मनाने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए सरकार अपनी मंशा जाहिर कर रही है। दूसरी ओर परिवहन मंत्री गोपाल राय ने अपने स्पष्टीकरण में यह भी कहा है कि अनुचित रूख का मसला सामने आ सकता है। बस्सी द्वारा पत्र के माध्यम से कहा गया कि इस तरह का कार्यक्रम आयोजित करने के लिए दिल्ली पुलिस और राज्य सरकार से चर्चा करने की आवश्यकता है। 

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