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वैचारिक दृष्टिकोण पर हुआ राज्य सभा में विवाद

Feb 25 2016 04:07 PM
वैचारिक दृष्टिकोण पर हुआ राज्य सभा में विवाद

नई दिल्ली : केंद्रीय वित्तमंत्री अरूण जेटली और माक्र्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के नेता सीताराम येचुरी ने राज्यसभा में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में हुए विवाद और हैदराबाद में शोधार्थी विद्यार्थी रोहित वेमुला की आत्महत्या के मसले पर हुई बहस में भागीदारी की। इस बहस में हस्तक्षेप करते हुए केंद्रीय वित्तमंत्री अरूण जेटली ने कहा कि विश्वविद्यालय में स्वतंत्र विचारों की अनुमति होना चाहिए मगर इसी के साथ वैचारिक दृष्टिकोण अपनाने की बात भी उन्होंने कही। वैचारिक दृष्टिकोण के अंतर्गत इस स्तर की असहनशीलता आखिर क्यों दिखाई जा रही है।

सीताराम येचुरी के भाषण को लेकर वे अपनी प्रतिक्रिया दे रहे थे। इसके पूर्व सीताराम येचुरी ने बहस प्रारंभ करते हुए जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में जो विवाद हुआ है उसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार पर पक्षपातपूर्ण हस्तक्षेप का आरोप लगाया। विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में देश विरोधी नारेबाजी के बाद विद्यार्थियों पर देशद्रोह का आरोप भी लगाया गया है।

सीताराम येचुरी ने राज्यसभा में इस मामले को उठाते हुए कहा कि विश्वविद्यालय में स्वतंत्र विचारों की अनुमति मिलना चाहिए। सीताराम येचुरी ने इस मामले में कहा कि राष्ट्रवाद के नाम पर विश्वविद्यालय को दंडित किया जा रहा है, यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बात है। उनका कहना था कि उन्हें देशभक्ति का पाठ न पढ़ाया जाए।