अब कंडोम, डाइपर, सेनेटरी पैड के साथ देना होगा डिस्पोजल पाउच

नई दिल्ली: मंगलवार को पर्यावरण मंत्रालय ने वेस्ट मैनेजमेंट के तहत जारी निर्देश के बाद अब कंडोम, डाइपर, सेनेटरी पैड और काटन पैड बनाने वाली कम्पनियों को अब इनके साथ रैपर या पाउच देना होगा, कूड़ा बीनने वालों द्वारा इन चीजों ठीक से लपेटा न होने से छूने से इंकार करने से आई विमुखता को देखते हुए इन चीजों का ठीक से निपटान हो इसलिए यह निर्देश दिए गए|

नए नियम के तहत इन चीजों के उत्पादकों को उपभोक्ताओं को इन्हें खत्म करने का तरीका बताना होगा. ब्रांडेड व मार्केटिंग कम्पनियों को इस पर काम करना होगा, सेनेटरी वेस्टर को निपटाने की योजना को एक्सटेनडेड प्रोड्यूसर रिस्पांसिबिलिटी कांसेप्ट के तहत अमल में लाया जाएगा. इस नियम को पूरे देश की नगरपालिकाओं द्वारा लागू किया जाएगा|

इसके लिए निकायों को ऐसा कचरा पैदा करने वालों से यूजर फ़ीस वसूलने का अधिकार होगा. नियम का पालंन नहीं करने वालों से जुर्माना वसूलने का अधिकार होगा. ग्रुप हाउसिंग सोसायटी, होटल, रेस्टारेंट, इंस्टीट्यूट, रेजिडेंट वेलफेयर और टाउनशिप सेनेटरी वेस्ट के बड़े जेनरेटर हैं. टाइम्स आफ इण्डिया के मुताबिक मंगलवार से लागू होने वाले इस नियम को नगर निगमों, भारतीय रेलवे के अंतर्गत, एयरपोर्ट, एयरबेस, डिफेन्स कालोनी और धार्मिक स्थानों पर लागू किया जाएगा|

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