दिल की बात

दिल की बात

भगवान दुनिया में ऐसा मंजर क्यों है?

कही दर्द तो कही गम क्यों है?

कहते है की तू हर जगह है।

तो फिर जगह जगह तेरा पत्थर क्यों है ?

जमीन पर रहने वाले हम सब तेरे ही बन्दे है तो,

कोई किसी का दोस्त या दुश्मन बना क्यों है ?

सुना है की तू ही लिखता है सबका नसीब तो।

कोई अमीर और कोई भिखारी क्यों होता है।