दिल का हाल

हमसे यह दुरी अब सही नहीं जाती

जुदा हो कर अब यह दुरी सही नहीं जाती

लोट आओ मेरे पास वापस

दिल का हाल अब लफ्जों में कहा नहीं जाता

अपनी नजरो को मिला लिया होता

अपनी बात को कह दिया होता

तमन्ना थी अगर घायल करने की तो

एक बार मुस्कुरा ही दिया होता

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