गले मिलने के प्रकार और उनका मतलब

गले मिलने के प्रकार और उनका मतलब

लोग एक दूसरे को गले कई अलग अलग कारणों से लगाते है. कोई सुरक्षा का एहसास कराने को गले लगता हैं तो कोई प्यार का एहसास कराने को. कोई बिछड़ते हुए एक दूसरे को गले लगाता है तो कोई आपस में मिलते समय. अलग अलग लोगो के गले लगाने के तरीके अलग होते है और उनके मायने भी अलग ही होते है. तो आइए इस बारे में और विस्तार से जाने.

1. बेस्ट फ्रेंड का आलिंगन:

सामान्यतः यान आलिंगन 'हम दोस्त है' की भावना को प्रकट करने के लिए लगाया जाता हैं. इस आलिंगन के दौरान आपका मित्र आपको बाजू से पकड़ता है और आपकी पीठ थपथपाता है. जब वह आप से आलिंगन करता है तो इसका अर्थ यह है कि वह आपके साथ आगे भी केवल दोस्त बनकर ही रहना चाहता है. 

2. कंधे पर सिर रखकर आलिंगन:

यह आलिंगन लड़के और लड़की के बीच होता हैं. उन दोनों के लिए ही यह पल ख़ुशी का होता है. जब लड़की आपके समीप बैठी होती है तो वह अपना सिर आपके कंधे पर रख यह जताती है कि वह आपके साथ कितना सुरक्षित महसूस करती है. 

3. नम्रता पूर्ण आलिंगन:

यह औपचारिक आलिंगन होता है. इस आलिंगन में मुश्किल से दोनों एक दूसरे को स्पर्श करते है. यह सिर्फ फॉर्मेलिटी निभाने के लिए किया जाता है. इसे करते समय सामान्यतः चेहरे पर मंद मुस्कान होती है. 

4. मज़बूत आलिंगन:

यदि आप एक दूसरे के प्यार में पागल है तो यह आलिंगन आपके लिए है. इसमें दोनों प्रेमी एक दूसरे को मजबूती से गले लगाते है और प्यार की लहरे उनके आस पास मंडराने लगती है. 

5. लेट कर किया गया आलिंगन:

जब आप एक दूसरे के करीब लेते होते है तो यह आलिंगन प्यार का एहसास कराने के लिए दिया जाता है. यह आलिंगन एक साधारण पल को खास और इश्क़नुमा बना देता है. यह एक दूसरे के सदा करीब रहने की निशानी को भी दर्शाता है.