अंधविश्वास के चलते युवक ने मंदिर में किया ऐसा काम

Oct 06 2015 10:33 PM
अंधविश्वास के चलते युवक ने मंदिर में किया ऐसा काम

मऊ: दुनिया ने आज इतनी तरक्की कर ली है की लोग चांद और मंगल पर पहुंच चुके है, लेकिन आज भी हमारा समाज अंधविश्वास की दरकती दीवारो पर बैठकर अपने और दूसरों के प्राणों की बलि देते नही थक रहा हैं। थाना कोतवाली के बल्लीपूरा मोहल्ले में अचानक उस समय सनसनी फ़ैल गई जब मोहल्ले में स्थित काली मंदिर में एक युवक ने अपनी खुद की बलि चढ़ा दी। घबराए हुए परिजनों ने फ़ौरन युवक को जिला अस्पताल में भर्ती कराया जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद युवक को वाराणसी के लिए रेफर कर दिया। बता दे की युवक ने अंधविश्वास के कारण काली मंदिर में अपनी बलि चढ़ा दी।

युवक का नाम मनोज है और उसने ऐसा क्यों किया इस बात का अभी तक पता नही चल पाया है। वही दूसरी और लोगों का कहना है कि मनोज लंबे समय से बीमार चल रहा था। उसे कहीं से मालूम पड़ा कि अगर वो काली मंदिर में अपनी बलि दे तो उसके सारे दुख दर्द व बीमारी ठीक हो जाएगी। वही मनोज के परिजनों ने बलि की बात को मानने से इंकार किया है। मनोज के भाई ने जानकारी दी कि मनोज मानसिक रुप से बीमार था जिसके लते ही उसने ऐसा कदम उठाया।

घरवाले तत्काल युवक को जिला अस्पताल लेकर गए जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद युवक को वाराणसी के लिए रेफर कर दिया। डॉक्टरों ने जानकारी दी की जब युवक को इलाज के लिए अस्पताल में लाया गया तो उसकी मां ने बताया कि मनोज गिर गया था जिसके कारण उसकी गर्दन कट गई। लेकिन डॉक्टरों का कहना है की जांच के बाद यह बात स्पष्ट नजर आ रही है कि किसी तेज़दार हथियार से उसने अपना गला काटा है।