व्यास पुरस्कार के लिए चुनी गयी सुनीता जैन की पुस्तक ‘क्षमा'

Feb 27 2016 08:02 AM
व्यास पुरस्कार के लिए चुनी गयी सुनीता जैन की पुस्तक ‘क्षमा'

देश का दूसरा सबसे बड़े साहित्य सम्मान के लिए इस बार विख्यात लेखिका सुनीता जैन के काव्य संग्रह ‘क्षमा' को चुना गया है. उन्हें इस पुरस्कार के साथ 3 लाख रुपये की राशी इनाम स्वरुप भेंट की जाएगी. यह पुरस्कार प्रतिवर्ष के.के. बिड़ला फाउंडेशन द्वारा दिया जाता है. यह पुरस्कार 10 वर्ष के अन्तराल मे छपी किसी भी पुस्तक को दिया जा सकता है.

पुस्तक का चुनाव एक कमिटी द्वारा किया जाता है. संगीता जैन की पुस्तक को हिंदी साहित्य के प्रख्यात विद्वान् विश्वनाथ प्रसाद तिवारी कि अध्यक्षता वाली कमिटी ने चयनित ने किया है.उनके साथ इस कमिटी मे प्रोफेसर रामजी तिवारी और मृदुला गर्ग जैसे दिग्गज शामिल है.

13 जुलाई, 1941 कों अंबाला में जन्मी सुनीता जैन की अब तक करीब 100 पुस्तके प्रकाशित की जा चुकी है. जिसमे ‘ए गर्ल ऑफ़ हिज ऐज’, ‘बोज्यू’, ‘सफ़र के साथी’, ‘हेरवा’, ‘रंग-रति’, ‘जाने लड़की पगली’ विशेष है.

यह पुरस्कार साहित्य रचनाओ, भासा का इतिहास, आलोचना, निबंध, जीवनी, अदि विधाओ पर प्रदान किया जाता है. 1991 में शुरू हुए इस पुरस्कार को अब तक श्रीलाल शाकुल, गिरिराज किशोर, चित्र मुगदल, परमानन्द श्रीवास्तव, धरमवीर भर्ती और केदार्नत सिंह जैसे विख्यात लेखको कों दिया जा चुका है.