फिल्म 'शोले' में एक्टिंग के अलावा यह भी करते थे धर्मेंद्र

बॉलीवुड की ड्रीमगर्ल के हस्बैंड और दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र ने अपने जीवन और फ़िल्मी करियर को लेकर कई रोचक बातें लोगों से साझा की. उन्होंने बताया कि शोले के लिए वह अपने कई संवाद खुद लिखते थे और ‘मौसीजी’ के किरदार की लाइन भी वही लिखते थे. धर्मेंद्र ने कहा, रोमांस इमोशनल चीज हो जाती है, लेकिन कॉमेडी मुश्किल है, क्योंकि इसमें सही टाइमिंग की ज़रूरत होती है.

फिल्म इंडस्ट्री के मौजूदा हालात पर धर्मेंद्र ने चिंता जताई और कहा कि, "सितारे आज पैसों के लिए कुछ भी करने को तैयार हैं. अब यह इंडस्ट्री नहीं रही, मंडी बन गई है. पैसों के लिए किसी से कुछ भी करवा लो. देव आनंद में जो था, वह किसी में नहीं है. अब लोग कहीं भी नाचने-गाने चले जाते हैं." धर्मेंद्र ने कहा, "मेरे लिए दिलीप कुमार प्रेरणा थे और मधुबाला उससे भी ज्यादा. मैं लोगों के दिलों में जगह बनाना चाहता था, लोग मुझे अपना दोस्त समझते हैं, इसे देखकर मुझे खुशी होती है."

"मैं अपनी मिट्टी को नहीं भूला हूं क्योंकि मैं यहाँ कभी पैसे कमाने नहीं आया, मुझे अपने लोगों से मोहब्बत है." धर्मेंद्र ने कहा, "आज मैं सोचता हूं कि मुझमें भी कोई बात थी, तभी लोगों ने मुझे पसंद किया. फिल्म इंडस्ट्री में अवॉर्ड लेने के लिए आपको शातिर होना पड़ता है. कई हिट फिल्में देने के बावजूद मुझे कभी बेस्ट एक्टर का फिल्मफेयर अवॉर्ड नहीं मिला, लेकिन फिल्मफेयर स्टार टैलेंट अवॉर्ड मिला था और बेस्ट एक्टर के लिए नॉमिनेट किया गया था." उन्होंने कहा कि, "मैं अवॉर्ड लेने गया था, क्योंकि कहा गया था कि दिलीप कुमार मुझे अवॉर्ड देंगे."

"मैं दिलीप साहब के लिए वहां गया था. इस इंडस्ट्री में आपको अवॉर्ड लेना आना चाहिए और मुझमें वह शातिरपन और खूबी नहीं थी." उन्होंने कहा कि मेरे लिए मेरे फैंस ही सब कुछ हैं, मुझे अवॉर्ड्स से कोई मतलब नहीं.

 

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