कैसे चलेगी बिना कम्प्यूटर ऑपरेटर के ई-पंचायत

Sep 06 2015 03:00 AM
कैसे चलेगी बिना कम्प्यूटर ऑपरेटर के ई-पंचायत

धमतरी। कम्प्यूटर देने के बाद पंचायतों को इंटरनेट से जोड़कर ई-पंचायत बनाने की कवायद जिले में की गई। कम्प्यूटर ऑपरेट करने के लिए बाकायदा हर पंचायत में पंचायत सहायक सह डाटा एंट्री ऑपरेटरों की नियुक्ति की गई, लेकिन शासन ने अब उन्हें निकालने आदेश दे दिया है। बिना ऑपरेटर के पंचायतों में ई-पंचायत का सपना चकनाचूर हो जाएगा। ऑपरेटरों को निकाले जाने के बाद से सरपंच परेशान हैं। क्योंकि कम्प्यूटर से होने वाले अधिकांश कार्य ग्राम पंचायतों में ठप पड़ गए हैं। जिले में 355 ग्राम पंचायतें हैं। जिनमें 330 पंचायत सहायक सह डाटा एंट्री ऑपरेटर पदस्थ हैं।

धमतरी, कुरुद, नगरी और मगरलोड ब्लॉक के अधिकांश ग्राम पंचायतों में ऑपरेटर की भर्ती के बाद अधिकांश कार्य कम्प्यूटर से संचालित हो रहे थे। पंचायत का अधिकांश कार्य ऑपरेटरों पर निर्भर रहा, लेकिन शासन ने अचानक प्रदेशभर में कार्यरत 7 हजार से अधिक पंचायत सहायक सह डाटा एंट्री ऑपरेटरों को बजट का अभाव बताकर कार्यमुक्त करने का आदेश दे दिया। जिससे उनमें हड़कंप है। ऑपरेटरों के भरोसे कार्य कराने वाले सरपंचों की परेशानी बढ़ गई है।

ग्राम पंचायत परसतराई के सरपंच प्रताम मरकाम, रूद्री सरपंच सुशांत कानपिल्लेवार, खरतुली के सरपंच भोजराम का कहना है कि शासन कम्प्यूटर व इंटरनेट से कार्य कराकर पंचायतों को ई-पंचायत घोषित किया है। पंचायत के कम्प्यूटर ऑपरेटरों को निकालना उचित नहीं है। क्योंकि कई कार्य उन्हें कम्प्यूटर से ऑपरेटर के भरोसे कराना पड़ता है। कम्प्यूटर ऑपरेटर के अभाव में कई कार्य पेडिंग हो गए हैं। ऑपरेटर के अभाव में कार्य कराने परेशानी हो रही है। शासन को चाहिए कि वे पंचायत के ऑपरेटरों के विरुद्घ लिए गए निर्णय को वापस लेकर पुनः उन्हें काम पर रखे।