आफत के अंधेरे के बाद, छाया आस्था का उजियारा, शिप्रा के घाटों पर उमड़ा सैलाब

उज्जैन : सिंहस्थ 2016 के दौरान गुरूवार को चली आंधी और तेज़ बारिश के कारण सिंहस्थ मेला क्षेत्र में अव्यवस्थाऐं गहरा गईं लेकिन बारिश थमने के कुछ ही घंटों बाद जैसे संतों, साधुओं और लोगों ने मेले में आए और सहमे हुए श्रद्धालुओं के मन से डर निकाला। जहां कुछ लोग पांडालों में लगने वाले अन्नक्षेत्र में सेवाऐं देने लगे तो दूसरी ओर संतों द्वारा कीर्तन और भजन किया गया। कुछ कीर्तनकारों ने भी मेला क्षेत्र में कीर्तन किया।

दूसरी ओर कुछ अन्य लोग मेले के खुले और मैदानी क्षेत्रों में विश्राम करने चले गए। तड़के फिर घाटों पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा और इसी के साथ आस्था की डुबकी प्रारंभ हो गई। लोगों की आस्था आपदा पर भारी नज़र आई। बड़े पैमाने पर शिप्रा नदी के विभिन्न घाटों पर अमावस्या का स्नान संपन्न हुआ। राज्य के मुख्यमंत्री तड़के करीब 4 बजे उज्जैन पहुंचे।

उज्जैन पहुंचने के बाद उन्होंने सर्किट हाउस पहुंचकर घायलों और नदी के घाटों की जानकारी ली। दूसरी ओर वे जिला अस्पताल के लिए निकले। जहां उन्होंने घायलों और मृतकों का जायजा लिया। वे घायलों और मृतकों के परिजन से मिलने पहुंचे। कुछ लोग चिमनगंज मडी परिसर में ठहरे यहां पर अनाज के लिए बने टीन शेड में और बड़े पैमाने पर खुले मैदान में श्रद्धालु मौजूद थे।

यहां पर श्रद्धालुओं के लिए भोजन भी तैयार किया गया था। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह यहां पहुंचे और लोगों का जायजा लिया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि जल्द ही मेले की व्यवस्थाओं को ठीक कर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के साथ प्रदेश के मुख्य सचिव एंटनी डिसा, प्रभारी मंत्री भूपेंद्रसिंह, मंत्री लालसिंह आर्य सहित बड़ी संख्या में अधिकारी मौके पर पहुंचे। 

- Sponsored Advert -

Most Popular

- Sponsored Advert -