शनि शिंगणापुर विवाद : महिला पुजारी को मंदिर में स्थान देने की मांग

Feb 08 2016 11:49 AM
शनि शिंगणापुर विवाद : महिला पुजारी को मंदिर में स्थान देने की मांग

अहमदनगर : शनि शिंगणापुर में महिलाओं को शनि देव के दर्शन और पूजन का अधिकार देने के मामले में अब ट्रस्टियों से पुरूष की ही तरह महिला पुजारी की नियुक्ति की ही बात कही गई है। महिलाओं को प्रवेश दिए जाने की मांग करने वाली कार्यकर्ता तृप्ति देसाई और उनकी सहयोगियों ने मांग की है कि महिलाओं को मंदिर में प्रवेश भी दिया जाए साथ ही पुजारी की भूमिका निभाने वालों में महिला शामिल हो। भूमाता ब्रिगेड आंदोलन की नेतृत्वकर्ता द्वारा यह भी कहा गया कि चूबतरे पर पुरूषों के नहीं जाने पर सहमति होने की बात पुरूषवादी मानसिकता को दर्शाती है।

उनका कहना था कि मूर्ति का पूजन करने वाले पुजारियों में महिला को शामिल किया जाना जरूरी है। इस मामले में श्रीश्री रविशंकर जी ने अपनी ओर से सहायता की है। गुरूदेव श्रीश्री रविशंकर ने यह दर्शाया है कि ट्रस्टियों ने तिरूपति बालाजी मंदिर के दर्शन माॅडल पर आधारित श्रीश्री के फाॅर्मूले पर स्वीकृति जाहिर की है।

इस व्यवस्था के तहत महिला और पुरूष दर्शनार्थियों को शनिदेव की शीला वाले चबूतरे तक जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। यूं भी चबूतरे तक तेल फैल जाता है ऐसे में श्रद्धालुओं के फिसलने का अंदेशा बना रहता है। तृप्ति देसाई और उनकी सहयोगी महिलाओं ने कहा कि महिलाओं को अंतिम बार पूजन का अवसर देना जरूरी नहीं है।

इस मसले पर आध्यात्मिक गुरू श्रीश्री रविशंकर ने इस विवाद को हल करने के लिए ट्रस्टियों और भूमाता ब्रिगेड की नेता तृप्ति देसाई और उनके सहयोगियों के साथ बैठक की। बैठक में श्रीश्री के प्रस्तावों को महत्व दिया गया। श्रीश्री ने इस अवसर पर मृदंग वादन किया इस मौके पर हजारों लोगों ने श्रीश्री के साथ एक ताल में मृदंग बजाया।