पेट भरने के लिए सेक्स वर्कर्स ने निकाला नया तरीका, जानकर करेंगे तारीफ़

पेट भरने के लिए सेक्स वर्कर्स ने निकाला नया तरीका, जानकर करेंगे तारीफ़

सेक्स वर्कर का नाम सुनते ही दिमाग में एक छवि उत्पन्न हो जाती है और हम सभी इस बात से वाकिफ हैं कि उनके लिए कमाई का एक ही जरिया है और वह है अपने क्लाइंट्स की इच्छाओं को पूरा करना. सेक्स वर्कर्स अपने क्लाइंट की इच्छाओं को पूरा कर अपनी कमाई करती हैं. वहीं इस समय फैली हुई कोरोना महामारी से लोगों की जिंदगी थम सी गई है. लोग अपने घरों में कैद हैं लेकिन कहीं-कहीं लॉकडाउन खुल चुका है और लोग ऑफिस जाने लगे हैं. ऐसे में कहीं-कहीं अब भी लोगों के पास कमाई के लिए साधन नहीं है और कई लोग बेरोजगार हो गए हैं. इन्ही में शामिल है सेक्स वर्कर्स जिनकी जिंदगी पर भी कोरोना, लॉकडाउन का बुरा असर पड़ा है. जी हाँ, उनकी जिंदगी भी कहीं ना कहीं कोरोना के कारण थम सी गई. उनके पास आने वाले क्लाइंट्स का आना बंद हो गया है अब वह फ़ोन पर बातें कर रहीं हैं और ई-सेक्स के जरिये कमाई में लगी हुईं हैं. कई सेक्स वर्कर्स हैं जो इस समय ई-सेक्स का सहारा ले रहीं हैं. इसी बीच कहीं-कहीं सेक्स वर्कर्स ने अपने धंधे को छोड़कर दूसरा काम शुरू कर दिया है. इस समय कई कोठे हैं जहाँ इस समय सेक्स नहीं हो रहा है क्योंकि क्लाइंट्स ही नहीं आ रहे हैं. इसी कारण कोठे पर सेक्स के जरिये पैसा कमाने वाली महिलाओं के पास कमाई का कोई जरिया नहीं है लेकिन वह इससे निराश नहीं है. जी हाँ, उन्होंने अपनी कमाई के लिए एक नया जरिया निकाला है. वह भी बहुत अनोखा है.

दिल्ली जीबी रोड - वैसे तो आप जानते ही होंगे दिल्ली के जीबी रोड की गिनती भारत के सबसे बड़े रेड लाइट एरिया में होती है. यह अजमेरी गेट से लाहौरी गेट तक फैला हुआ है और यहाँ कमाई में भी सेक्स वर्कर्स आगे हैं. यहाँ बने हुए जर्जर भवनों और दुकानों के ऊपर कोठे हैं जहाँ बहुत अधिक सेक्स वर्कर्स रहती हैं. यहाँ जब लॉकडाउन और कोरोना महामारी के दौरान आने वाले ग्राहकों की संख्या में भारी मात्रा में गिरावट हो गई तो कई सेक्स वर्कर्स ऐसी रहीं जो तो अपने-अपने घर वापस चली गईं हैं लेकिन कुछ ऐसी सेक्स वर्कर्स रहीं जो अपने घर नहीं जा सकी तो उन्होंने एनजीओ में जाकर मास्क बनाना शुरू कर दिए हैं. 

दिल्ली के जीबी रोड पर 22 बिल्डिंग है और इन सभी बिल्डिंग में कुल 84 कोठें है. यहाँ हर कोठे का एक नम्बर होता है और ये सभी कोठे दूसरी और तीसरी मंजिल पर बसे हुए हैं. जी दरअसल यहाँ हर कोठे में 10 से 15 सेक्स वर्कर्स हैं और ऐसे कुल मिलाकर 750 सेक्स वर्कर्स हैं. यहाँ कई ऐसी भी सेक्स वर्कर्स हैं जो यह चाहती हैं कि उनके कोठे पर भी मास्क बनाने की प्रक्रिया शुरू हो जाए जिससे उन्हें भी लाभ मिले और वह कमाई कर सके. केवल इतना ही नहीं बल्कि कई सेक्स वर्कर्स मास्क बनाना सीख चुकीं हैं. 

जिन कोठों पर कभी आती थी घुंघरू की आवाज
आज वहां की सेक्स वर्कर बना रहीं हैं मास्क​

एक नयी पहल नयी जिंदगीयह एक ने पहल कही जा सकती है क्योंकि हमेशा कोठे पर सेक्स के जरिये पैसा कमाने वाले सेक्स वर्कर्स अब मास्क बना रहीं हैं . यह उनके काम से बिलकुल अलग है लेकिन वह इस काम को बड़ी मेहनत और लग्न के साथ कर रहीं हैं. यह उनके लिए एक नयी जिंदगी है जो इस समय वह जी रहीं हैं. यह एक सकारात्मकता वाला पहलु है जो उनके जीवन को उज्जवल भी बना सकता है. ऐसा भी हो सकता है कि वह ऐसे काम कर इसी दिशा में आगे बढ़ती चली जाएं.

कोरोना की मार: ई-सेक्स बना सेक्स वर्कर्स की कमाई का नया जरिया

इस मॉडल के सेक्सी अवतार को देखते ही छूट जाएंगे आपके पसीने

कंगना की टीम ने इस एक्ट्रेस को कहा चापलूस, जानिए क्यों?