दिल्ली मेट्रो को अब नहीं होगी ड्राइवर की जरुरत

नई दिल्ली : दिल्ली मेट्रो को गुरुवार को पहली बिना ड्राइवर के चलने वाली मेट्रो रेल मिल गई. दक्ष‍ि‍ण कोरिया के चांगवान में बनी यह अत्याधुनिक ट्रेन बिना ड्राइवर के मेट्रो की पटरियों पर दौड़ेगी, निर्माता कंपनी की ओर से पहली चालक रहित ट्रेन गुरुवार को प्राप्त हो गई है। मेट्रो कई तरह की आधुनिक विशेषताओं से लेस है। ट्रेन को समुद्र के रास्ते पहले गजरात के मुधरा बंदरगाह तक लाया गया और वहां से सड़क के रास्ते से दिल्ली के मुकुंदपुर मेट्रो डिपो पहुंचाया गया. ये ट्रेनें मेट्रो के लिए बन रही लगभग 59 किलोमीटर लंबी मजलिस पार्क-श‍िव विहार लाइन के साथ-साथ 38.23 किलोमीटर लंबी जनकपुरी वेस्ट-बोटानिकल गार्डन लाइन पर भी चलेंगी. ये दोनों लाइनें फेज-3 के तहत बनाई जा रही हैं. इन दोनों लाइनों के 2016 के अंत तक शुरू होने की उम्मीद है.

दिल्ली मेट्रो रेल कार्पोरेशन ने कहा कि हुंदई रोटेम की ऐसी कुल 20 ट्रेनों का सैट इस साल के अंत तक दक्षिण कोरिया के चंगवान में बनाया जाएगा। शेष 61 ट्रेनों का निर्माण भारत अर्थ मूवर्स के बेंगलूरू स्थित प्लांट में किया जायेगा। मेट्रो में 2280 यात्री एक साथ सफर कर सकेंगे, जो फिलहाल चल रही गाडि़यों से ज्यादा होंगे. ड्राइवर की जरूरत न होने से गाड़ी में ऑपरेटर का कैबिन नहीं होगा, जिससे ज्यादा मुसाफिर गाड़ी में सफर कर सकेंगे।

दिल्ली मेट्रो ने बताया कि ट्रेन को 95 किमी प्रति घंटे की गति से परिचालित करने के लिए डिजाइन किया गया है। इसकी परिचालन गति 85 किमी प्रति घंटे होगी। डीएमआरसी के एक अधिकारी ने बताया कि शुरू में इन ट्रेनों के परिचालन के लिए चालकों को तैनात किया जाएगा।लेकिन बाद में इसे के चलाया जाएगा। ट्रेन मे लोगों की सुरक्षा क ध्यान रखते हुए अंदर और बाहर सीसीटीवी कैमरे लगे होंगे, जिस पर कंट्रोल सेंटर का नियंत्रण रहेगा.

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