दिल्ली में पढ़ने और सिखाने के लिए सार्ड की नई मुहीम

खराब गुणवत्ता पर प्रकाश डाला है। NAS, तीसरी और आठवीं कक्षा के सीखने के परिणामों पर  देश का सबसे बड़ा सैंपल सर्वेक्षण है जिसमें बच्चों का गणित, भाषा, पर्यावरण विज्ञान, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान में मूल्यांकन किया जाता है।  नेशनल अचीवमेंट सर्वे (NAS) से पता चला है कि दिल्ली के सरकारी स्कूलों का स्थान कक्षा 8 के छात्रों के लिहाज़ से अंग्रेजी (भाषा) में सबसे खराब प्रदर्शन करने के मामले में भारत में पांचवे खराब प्रदर्शन करने वाले राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पहले स्थान पर है। साथ ही दिल्ली कक्षा 3 के छात्रों के लिए गणित में दूसरा सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला राज्य भी है।

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दिल्ली की एक गैर सरकारी संगठन संस्थान  सोसाइटी फॉर ऑल राउंड डेवलपमेंट,( सार्ड) ने  इस दिशा में एक पायलट प्रोजेक्ट साउथ दिल्ली नगर निगम के स्कूलों में शिक्षण के तरीकों में सुधार लाने के लिए शुरू किया है, जिसे माइकल सुसान डेल फाउंडेशन (एमएसडीएफ) भी सहयोग कर रही है. प्रोजेक्ट में टीचर्स के पढ़ने और पढ़ाने की टेक्निक पर जोर दिया गया है। जिसमे दो विषयों पर खासा ज़ोर है हिन्दी और मैथ, इस प्रोजेक्ट में लगभग 270 स्कूलों को कवर किया गया है। 

न्यूज़ ट्रैक लाइव से हुई बातचीत में (सार्ड) के सीईओ सुधीर भटनागर ने कहा कि इस पहल से शानदार परिणाम मिल रहे है कई छात्रों ने प्रोजेक्ट के चुने हुए विषयों,हिंदी और गणित में सीखने के क्रम में अच्छे रिजल्ट दिखाए हैं। भटनागर ने कहा की हम क़्वालिटी एजुकेशन के लिए प्रतिबंध है। हमने काफी कोशिश की है हिन्दी ,मैथ जैसे कठिन सब्जेक्ट में शिक्षकों को सिखाने के आसान तरीके ईजाद  किये जिससे एजुकेशन की क़्वालिटी और स्तर अच्छा हो। 
 
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