कोर्ट ने दिल्ली सरकार से पूछा : आयु सीमा निर्धारित करने का हक़ किसने दिया ?

Feb 02 2016 10:58 AM
कोर्ट ने दिल्ली सरकार से पूछा : आयु सीमा निर्धारित करने का हक़ किसने दिया ?

नई दिल्ली : दिल्ली उच्चन्यायालय द्वारा आम आदमी पार्टी की सरकार को लेकर सवाल किए गए। दरअसल दिल्ली की राज्य सरकार से उच्च न्यायालय ने निजी विद्यालयों को लेकर प्रश्न किए। जिसमें न्यायाधीशों ने निजी स्कूलों में नर्सरी कक्षाओं में प्रवेश हेतु आयु सीमा 4 वर्ष तय करने के अधिकार को लेकर कहा कि आखिर नर्सरी कक्षाओं में प्रवेश हेतु आयु सीमा 4 वर्ष करने का अधिकार सरकार को किस तरह से मिला है। न्यायाधीशों का कहना था कि दिल्ली सरकार की अधिसूचना को कानूनी मान्यता हासिल नहीं है। 

दरअसल यह उपराज्यपाल द्वारा किसी कानूनी मान्यता के अंतर्गत जारी नहीं की गई है। न्यायाधीश ने प्रश्न किए और कहा कि वर्ष 2007 को आदेश जारी किया गया और कहा गया कि अधिसूचना को किसी तरह की कानूनी मान्यता हासिल नहीं है। उन्होंने कहा कि अधिसूचना को किसी तरह की कानूनी मान्यता प्राप्त नहीं है। यह कहां से आ रही है। इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रशासक अधिसूचना जारी कर सकते हैं वर्ष 2007 के वैधानिक आदेश को आखिर पीछे किस तरह से किया जा सकता है।

उपराज्यपाल द्वारा वर्ष 2007 का आदेश जारी कर दिया गया था। इस आदेश को लेकर यह कहा गया कि इस आदेश के माध्यम से निजी और गैर सहायता व मान्यता प्राप्त स्कूलों को नर्सरी प्रवेश में दिशानिर्देश स्वयं तय करने की स्वतंत्रता मिलती है। निजी गैर सहायता प्राप्त विद्यालयों ने दिल्ली उच्च न्यायालय से कहा कि आम आदमी पार्टी नीत सरकार का नर्सरी प्रवेश में विशेष मानदंडों और प्रबंधन कोटा को हटाने का निर्णय वास्तविकता से अलग हटकर लिया गया निर्णय माना जा रहा है।