अधिकारियों को आधी सैलरी दी जानी चाहिए : दिल्ली सरकार

Jan 29 2016 10:48 AM
अधिकारियों को आधी सैलरी दी जानी चाहिए : दिल्ली सरकार

नई दिल्ली : आम आदमी पार्टी अपने कामों से ज्यादा अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहती है। विवाद और आप दोनों का चोली दामन का साथ है। दिल्ली सरकार और दिल्ली के DANICS अधिकारियों के बीच के विवाद को भड़काते हुए दिल्ली के कानून मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा है कि अधिकारियों को आधी सैलरी दी जानी चाहिए। इससे पहले भी उन्होने दो सीनियर अफसरों को निलंबित किया था।

अब इन्हीं दोनों अधिकारियों की सैलरी कटौती पर जैन ने मुहर लगा दी है। 29 दिसंबर को आप सरकार ने दिल्ली के गृह विभाग के दो अधिकारी यशपाल गर्ग और सुभाष चंद्र को निलंबित किया था, जिसे बाद में केंद्र ने निरस्त कर दिया था। इसके बाद एक साथ आईएएस अध्कारी और दानिक्स के अधिकारी एक दिन के लिए सामूहिक छुट्टी पर चले गए थे।

सैलरी कटौती का फरमान जारी होने के बाद अधिकारियों ने सरकार को लिखा है कि वो उपराज्यपाल कार्यालय के आदेशानुसार अब भी दिल्ली सरकार के साथ अपने पदों पर कार्यरत है, इसलिए उनकी सैलरी नही काटी जानी चाहिए। इससे पहले भी जैन ने अपने विभाग के जूनियर अधिकारियों से कहा था कि प्रमुख सचिव या सचिव को रिपोर्ट करने की बजाए वो सीधे उन्हें रिपोर्ट करे।

जैन ने गृह विभाग के अलावा स्वास्थय विभाग को भी ऐसा ही नोटिस जारी किया था। गृह विभाग के प्रधान सचिव एस एऩ सहाय ने भी इस तुगलकी फरमान के जवाब में जैन से कहा है कि ऐसा करने का अधिकार एक मंत्री के पास नही है। दिल्ली सरकार के एलोकेशन ऑफ बिजनेस रूल 1993 के नियम 4 के मुताबिक, विभाग के सचिव या प्रधान सचिव के पास ही कार्यपालिका के अधिकार हैं।

आगे सहाय ने लिखा है कि मंत्री ने गृह विभाग को चार भागों में बांट कर अलग-अलग अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी है, लेकिन नियम के मुताबिक काम के ऐसे बंटवारे का अधिकार सिर्फ विभाग के मुखिया को है न कि मंत्री को। सहाय ने ये चिट्ठी उपराज्यपाल नजीब जंग को भी भेजी है।