इलेक्ट्रिक गाड़ियों की खरीद को प्रोत्साहित कर रही दिल्ली सरकार, किए 2 समझौते

नई दिल्ली: दिल्ली सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी में इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) को अपनाने में तेजी लाने के लिए केंद्र सरकार की सबसिडरी के साथ दो समझौतों पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। इनमे से एक समझौता जहां क्लस्टर स्कीम बस डिपो में ज्यादा चार्जिंग और बैटरी स्वैपिंग स्टेशन स्थापित करने का मार्ग प्रशस्त करेगा, वहीं दूसरा समझौता इलेक्ट्रिक ऑटोरिक्शा, ई-रिक्शा और गाड़ियां खरीदने वालों को लोन इंटरेस्ट से राहत देगा। जी हाँ, इस बारे में बात करते हुए अधिकारियों ने कहा है कि ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट ने 14 सेलेक्टेड डिपो में चार्जिंग और बैटरी स्वैपिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए राज्य के स्वामित्व वाली एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड की सहायक कंपनी कन्वर्जेंस एनर्जी सर्विसेज लिमिटेड (CESL) के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए।

इसी के साथ सीईएसएल चार्जिंग यूनिटों और संबंधित बुनियादी ढांचे की खरीद, स्थापना, संचालन और रखरखाव करेगा।जगह के उपयोग के लिए शुल्क का भुगतान सीईएसएल द्वारा दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) को हर महीने एक रुपये प्रति किलोवाट की दर से किया जाएगा। वहीं अगर उसे तीन ईसीएस (समतुल्य कार स्पेस) से अधिक स्थान की जरूरत है, तो प्रति ईसीएस हर महीने 2000 रुपए अतिरिक्त शुल्क देना होगा। कहा जा रहा है शुरूआत में अनुबंध की अवधि 10 साल होगी, और एमओयू के अनुसार, सीईएसएल तत्काल काम शुरू करेगा और अगले 4 महीनों में सभी स्टेशनों की स्थापना का काम पूरा कर लिया जायेगा।

कहाँ-कहाँ होंगे चार्जिंग स्टेशन- जहाँ भी चार्जिंग स्टेशन लगाए जाएंगे उस लिस्ट में उसमें रानी खेड़ा-एक, रानी खेडा-दो, रानी खेड़ा-तीन, राजघाट, दिलशाद गार्डन, सीमापुरी, बवाना सेक्टर-1, बवाना सेक्टर-5, कंझावला, कैर, ढिचाओं कलां शामिल हैं। इसके अलावा विभिन्न डीटीसी क्लस्टर बस डिपो के परिसर में सार्वजनिक इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशनों और बैटरी स्वैपिंग स्टेशन लगाने के लिए परिवहन विभाग और ईईएसएल द्वारा संयुक्त रूप से द्वारका सेक्टर-22, रेवला खानपुर और छतरपुर में जगह चिन्हित की गई है। करीब 14 जगहों में से प्रत्येक में 6 चार्जिंग प्वाइंट होंगे, जिनमें से 3 प्वाइंट दो पहिया और तीन पहिया वाहनों के लिए होंगे, जबकि 3 प्वाइंट 4 पहिया वाहनों के लिए होंगे।

कहा जा रहा है 10 साल के लिए कॉन्ट्रेक्ट पर हस्ताक्षर किए गए हैं और अगले चार महीनों में सभी स्टेशन तैयार कर लिए जाएंगे। हर एक स्थान पर छह चार्जिंग पॉइंट होंगे जिनमे तीन दोपहिया और तीन पहिया वाहनों के लिए होंगे और तीन चार पहिया वाहनों के लिए। वहीं लोकेशन और रीयल-टाइम उपलब्धता की स्थिति दिल्ली सरकार के वन दिल्ली ऐप पर उपलब्ध होगी।

आपको बता दें कि आज कार्यक्रम में मौजूद परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने कहा कि, "मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में देश भर में दिल्ली गैर इलेक्ट्रिक वाहनों को इलेक्ट्रिक वाहनों में बदलने के मार्ग पर तेजी से आगे बढ़ रही है। सीईएसएल से हुई साझेदारी के साथ-साथ हमें यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि सरकार, दिल्ली में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और ईवी इकोसिस्टम को बढ़ाने और सुधारने के लिए डिपो में उपलब्ध भूमि का उपयोग करने का निर्णय लिया है। हम कार्बन फुटप्रिंट को प्रभावी ढंग से कम करने के लिए इन चार्जिंग स्टेशनों को बिजली देने के लिए विभिन्न गैर-प्रदूषणकारी साधनों की भी तलाश कर रहे हैं।"

लोन पर  5% ब्याज सब्सिडी- इसी के साथ अन्य एमओयू के माध्यम से, सरकार ईवी की सैलेक्टेड कैटेगरी खरीदने पर लोन पर 5% ब्याज सब्सिडी प्रदान करेगी। अधिकारियों का कहना है कि दिल्ली इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए आसान फाइनेंसिंग प्रदान करने वाला पहला राज्य बन गया है। वहीं दूसरी तरफ दिल्ली के परिवहन विभाग ने एक बयान में कहा कि विशेष श्रेणी के इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद के लिये कर्ज पर पांच फीसदी ब्याज सहायता 30,000 रुपये के खरीद प्रोत्साहन और दिल्ली ईवी (इलेक्ट्रिक व्हीकल) नीति के तहत कबाड़ प्रोत्साहन के रूप में दी जाने वाली 7,500 रुपये की राशि के अतिरिक्त होगी। केवल यही नहीं बल्कि इसमें यह भी कहा गया है कि इस योजना के जरिये इलेक्ट्रिक तिपहिया और इलेक्ट्रिक लाइट कमर्शियल व्हीकल 25,000 रुपये तक का अतिरिक्त बेनेफिट प्राप्त कर सकेंगे।

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