दिल्ली के कैब ड्राइवर अपनी गाड़ी में रख रहे 'कंडोम', जानिए क्या है इसके पीछे का मकसद

Sep 20 2019 01:10 PM
दिल्ली के कैब ड्राइवर अपनी गाड़ी में रख रहे 'कंडोम', जानिए क्या है इसके पीछे का मकसद

नई दिल्ली: जेएनयू से नेल्सन मंडेला मार्ग पर मुड़ते ही ट्रैफिक पुलिस जैसे एक कैब ड्राइवर धर्मेंद्र को रोकती है। ड्राइवर धर्मेंद्र ने सीट बेल्ट लगा रखी है और अपनी नीली वर्दी भी पहन रखी है। पूछताछ में धर्मेंद्र बताते हैं कि मेरे पास तो फर्स्ट ऐड बॉक्स में कॉन्डम भी रखे हुए हैं। वह बॉक्स खोलकर दिखाते हैं, जिसमें डिटॉल, पैरासिटामॉल टैबलेट्स, बैंडेज और कॉन्डम मौजूद थे। धर्मेंद्र बताते हैं कि हाल ही में उनका चालान कॉन्डम न रखने के लिए भी काटा गया था, तब से वह बेहद सतर्क रहते हैं। हालांकि उन्हें चालान की जो रसीद दी गई थी, उसमे ओवर स्पीड की बात लिखी थी।

दिल्ली में बड़ी संख्या में ऐसे कैब ड्राइवर हैं, जो अपने फर्स्ट ऐड बॉक्स में कॉन्डम रखते हैं। उनका मानना है कि अगर वह ऐसा नहीं करते हैं तो इसके लिए भी उनका चालान कट सकता है। दिल्ली की सर्वोदय ड्राइवर असोसिएशन के प्रेजिडेंट कमलजीत गिल ने जानकारी देते हुए बताया है कि, 'सभी सार्वजनिक वाहनों के लिए हर समय कम से कम तीन कॉन्डम लेकर चलना अनिवार्य है।'

ड्रावइरों को यह आइडिया नहीं है कि आखिर इनका उपयोग क्या है। हालांकि खुद कमलजीत गिल बताते हैं कि इसका उपयोग किसी की हड्डी में चोट आने या फिर कट लगने पर किया जा सकता है। वह बताते हैं, 'अगर किसी व्यक्ति को ब्लीडिंग होने लगती है तो कॉन्डम के माध्यम से इसे रोका जा सकता है। इसी तरह फ्रैक्चर होने की स्थिति में उस जगह पर अस्पताल पहुंचने तक कॉन्डम को बांध कर काम चलाया जा सकता है।'

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