ब्लैक फंगस के लिए गाइडलाइन्स तैयार करेगा AIIMS, जान बचाने के लिए निकाली जा रहीं आँखें

May 18 2021 12:47 PM
ब्लैक फंगस के लिए गाइडलाइन्स तैयार करेगा AIIMS, जान बचाने के लिए निकाली जा रहीं आँखें

नई दिल्ली: कोरोना संक्रमण से लोग उबरे भी नहीं कि अब भारत में Mucormycosis या ​​ब्लैक फंगस के संक्रमण ने भी कहर मचाना शुरू कर दिया है. कोरोना संक्रमण के साथ ही अब ब्लैक फंगस के केस भी बढ़ने लगे हैं. यह संक्रमण इतना गंभीर है कि मरीजों को जीवित रखने के लिए उनकी आँखें भी निकाली जा रही है. Mucormycosis या ​​ब्लैक फंगस के कई सारे प्रकार हैं और अब ब्लैक फंगस के उपचार के लिए AIIMS दिशानिर्देश विकसित कर रहा है.

ब्लैक फंगस के केस कई राज्यों से सामने आ रहे हैं. इन प्रदेशों में गुजरात, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, राजस्थान, हरियाणा, केरल, दिल्ली, ओडिशा, तेलंगाना, कर्नाटक का नाम शामिल हैं. ब्लैक फंगस तेजी से उभरा है, जो कई लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है. ये वायरस लोगों की आंखों को संक्रमित कर रहा है, जिससे मरीजों की आंखों की रोशनी हमेशा के लिए चली जाती है. इसके बारे में जागरूक होने के लिए आपको फंगल संक्रमण के बारे में जानने की आवश्यकता है.

ब्लैक फंगस एक दुर्लभ किन्तु गंभीर फंगल संक्रमण है, जो म्यूकोर्मिकोसिस नामक फंगस के एक ग्रुप के कारण होता है. ये पर्यावरण में हमेशा से रहे हैं और अक्सर सड़ते हुए भोजन पर देखे जाते हैं. पहले मानव शरीर इस संक्रमण से इम्यून था. हालांकि, कोरोना महामारी आने के साथ हमारी इम्यूनिटी सिस्टम कमजोर हो रही है, फंगस अब मानव शरीर को घातक नतीजों के साथ संक्रमित कर सकता है. ये अब आमतौर पर अनियंत्रित डायबिटीज और काफी समय तक ICU में रहने वाले कोविड संक्रमित मरीजों में देखा जाता है.

भाकपा के राष्ट्रीय सचिव के नारायण ने वाईएसआरसीपी के बागी सांसद के रघुराम कृष्ण राजू की गिरफ्तारी पर हुआ खुलासा

इस म्यूजियम दिवस पर हुआ बड़ा एलान, हस्तिनापुर में बनाया जाएगा संग्रहालय

महिंद्रा एंड महिंद्रा COVID से मरने वाले कर्मचारियों के परिवारों करेगा मदद