दिल्ली: मुश्किलों में भाजपा, बीजेपी के एक और दलित सांसद ने की बगावत

देश में वैसे तो संविधान सबको सामान अधिकार देने की बात करता है, लेकिन देश के राजनीतिक हालातों ने लोगों की उम्मीदों को इस कदर रोंदा है, जिसका परिणाम अब देखने को मिल रहा है, हाल ही में हुए दलितों के भारत बंद आंदोलन के बाद देश में जगह-जगह दलित लीडर्स की आँखें खुल रही है, जो लम्बे समय से सत्ता का सुख भोग रहे थे, हाल ही में रॉबर्टगंज छोटेलाल से भाजपा के सांसद छोटेलाल ने प्रधानमंत्री मोदी को एक खत लिखकर योगी की शिकायत दर्ज करवाई है, वहीं इसके बाद उत्तरप्रदेश के कैबिनेट मिनिस्टर ओमप्रकाश राजभर ने दलितों के अत्याचार की बात की, इटावा और नगीना के बीजेपी सांसदों ने इस मामले में मोदी को खत लिखा है, इसी लिस्ट में दिल्ली के सांसद ने भी दलितों पर हो रहे अत्याचारों के मामले में प्रधानमंत्री को खत लिखकर अपना विरोध दर्ज कराया है. 

दिल्ली के एक दलित सांसद उदित राज ने अपने खत में लिखा है देश में जगह-जगह दलितों के ऊपर 2 अप्रेल के बंद के बाद लगातार हो रहे अत्याचार रुकने का नाम ही नहीं ले रहे है. ‘बाड़मेर, जालौर, जयपुर, ग्वालियर, मेरठ, बुलंदशहर, करोली, और उत्तरप्रदेश के कई शहरों गाँवों में इस आंदोलन के बाद दलितों को झूठे आरोपों में जेल में बंद किया जा रहा है, वहीं उनके ऊपर झूठा मुकदमा दर्ज किया जा रहा है. 

उदित राज ने इस मामले में आगे कहा कि "सरकार ये न समझे की वो प्रशासन को अपने हाथों में लेकर दलितों पर अत्याचार करेगी और हम देखते रहेंगे, इस और जल्दी कार्यवाही करने की कृपा करे" उदित राज ने अन्य दलित नेताओं पर भी तंज करते हुए कहा है कि जो दलित नेता और बाकि नेता इस विषय में चुप है, वह स्वार्थी है."

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