हज़ार रु के जुर्माने पर बरी हुए नवजोत सिद्धू

नई दिल्ली:  दिसंबर 1988 में सड़क पर हुए विवाद मामले में क्रिकेटर से नेता बने नवजोत सिंह सिद्धू को शीर्ष अदालत से राहत मिल गई है, अदालत ने सिद्धू को मामूली मारपीट का आरोपी मानते हुए 1 हज़ार का जुर्माना लगाकर छोड़ दिया है. इससे पहले सिद्धू ने याचिका दाखिल करते हुए कहा था कि वे निर्दोष हैं, उन्हें फंसाया जा रहा है. 

आज सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि कोई भी गवाह खुद चलकर सामने नहीं आया, पुलिस ने उन्हें अदालत के सामने पेश किया था, गवाहों ने अदालत के सामने जो बयान दिए उनमे विरोधाभास पाया गया, साथ ही मुख्य गवाह का बयान भी बाकी के गवाहों के बयान से अलग है, इस पर अदालत ने सिद्धू को मामूली मारपीट का दोषी माना और 1000 रु के जुर्माने पर उनको छोड़ दिया गया. 

बता दें कि 1988 में पटियाला में कार पार्किंग को लेकर 65 साल के गुरनाम सिंह के साथ सिद्धू का विवाद हो गया था और आरोप था कि इस दौरान हाथापाई तक हो गई थी और बाद में गुरनाम सिंह की अस्‍पताल में मौत हो गई थी, उनकी मौत का कारण हार्ट अटैक बताया गया था, सेशन कोर्ट ने इस मामले में सिद्धू और उनके साथी को बरी कर दिया गया था. पंजाब व हरियाणा हाई कोर्ट ने इस मामले में नवजोत सिंह सिद्धू को तीन साल की सजा सुना रखी थी, जिसके खिलाफ सिद्धू ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी. 

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