अभिनेत्रियों के पीछे नहीं घूमना चाहते थे प्रेमनाथ इसलिए बन गए थे खलनायक

बॉलीवुड की हिंदी फिल्मों में नजर आने वाले एक्टर प्रेमनाथ मल्होत्रा अब इस दुनिया में नही है. आप सभी ने उन्हें कई फिल्मों में देखा होगा. प्रेमनाथ ने 3 नवंबर 1992 में इस दुनिया को अलविदा कह दिया था. साल 1948 से 1985 तक अपने फिल्मी करियर में प्रेमनाथ ने 70 से ज्यादा फिल्मों में काम किया और इसके साथ ही 1957 में एक फिल्म 'समुंदर' डायरेक्ट भी की. साल 1992 में 65 साल की उम्र में प्रेमनाथ का हार्ट अटैक की वजह से देहांत हो गया.

आपको बता दें कि एक्टर प्रेमनाथ का जन्म 21 नवंबर साल 1926 को पाकिस्तान के पेशावर में हुआ था. साल 1947 में आजादी के वक्त प्रेम का परिवार मध्य प्रदेश के जबलपुर शिफ्ट हो गया और वो खुद मुंबई शिफ्ट हो गए और फिर मुंबई में रहकर ही उन्होंने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की. वहीं उनकी एक बहन की शादी मशहूर एक्टर प्रेम चोपड़ा और दूसरी बहन की शादी एक्टर राज कपूर से हुई. आपको बता दें कि प्रेमनाथ की कुछ सुपरहिट फिल्मों में 'अजीत', 'बादल', 'आन', 'अपना घर', 'तीसरी मंजिल', 'बहारों के सपने', 'जॉनी मेरा नाम', 'तेरे मेरे सपने', 'बॉबी', 'रोटी कपड़ा और मकान', 'नागिन', 'जय बजरंग बली', 'जानी दुश्मन', 'विश्वनाथ', 'कर्ज', 'हम दोनों' आदि शामिल हैं.

जब वह बॉलीवुड में आए तो उन्होंने कुछ फिल्मों में अभिनय किया और उनकी फिल्में सफल भी हुई, लेकिन उन्हें ऎसा महसूस हुआ कि मुख्य अभिनेता की बजाय खलनायक के रूप में फि ल्म इंडस्ट्री में उनका भविष्य अधिक सुरक्षित रहेगा. वहीं उसके बाद प्रेम नाथ ने खलनायक की भूमिकाएं निभानी शुरू कर दी और वह खलनायक बनकर मशहूर हो गए. पचास के दशक में प्रेम नाथ ने कई फिल्मों में नायक की भूमिका निभाई और इनमें कई हिट भी रहीं, लेकिन उन्होंने नायिकाओं के पीछे पेड़ों के इर्द-गिर्द चक्कर लगाते हुए नगमें गाना रास नहीं आया इस कारण वह खलनायक बन गए.

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