हेडली का दावा मुंबई से पहले बेंगलुरु औऱ दिल्ली में थी हमले की योजना

Feb 09 2016 12:53 PM
हेडली का दावा मुंबई से पहले बेंगलुरु औऱ दिल्ली में थी हमले की योजना

मुंबई : मुंबई की कोर्ट में अमेरिका से पहली बार किसी गवाह ने अपना बयान दर्ज कराया। ये गवाह है 26/11 मुंबई हमले का दोषी डेविड कोलेमन हेडली। हेडली ने अपनी गवाही में कई सारे राज खोले, तो कई जानकारियों को पुख्ता किया। हेडली ने बताया कि उसे मुंबई के सिद्धिविनायक मंदिर की रेकी के खास आदेश दिए गए थे।

साजिद मीर ने हेटली को ताज होटल के सेकेंड फ्लोर और कंवेंशन हॉल का जायजा लेने के लिए कहा था। 2007 में जब हेडली मुंबई आया तो अपनी पत्नी के साथ ठहरा था। मीर ने उसे ताज के कोने-कोने का वीडियो फुटेज लेने को कहा था। जब मैं वापस लौटा, तो उन्होने मुझे कुछ महत्वपूर्ण स्थानों वर्ल्ड ट्रेड सेंटर व रेलवे स्टेशन जैसे कई स्थानों का वीडियो लाने को कहा।

कोर्ट में हेडली ने दावा किया कि वो मुंबई में मीरा कृपलानि नाम की एक महिला से भी मिला था, जो ब्रिच कैंडी अस्पताल के पास पीजी में रहती है। हेडली ने बताया कि साल 2006 में मुजम्मिल, मेजर इकबाल और साजिद मीर ने एक बैठक करके आतंकी हमले की लोकेशन तय की थी। इसमें मुंबई, दिल्ली या फिर बेंगलोर के नामों पर चर्चा हुई थी और बाद में मुंबई के नाम पर सभी ने सहमति जताई थी।

लश्कर के चीफ ने हेडली को भारतीय सेना में खुफिया तंत्र मजबूत करने को कहा था और कहा कि वह भारतीय सेना में किसी को जासूसी के लिए तैयार करे। हेडली ने बताया कि 2007 में मैंने शादी की थी। इसके बाद मेरी पत्नी ने मेरे खिलाफ केस किया था, जिसके बाद पुलिस मुझे पकड़कर ले गई।

मैंने खूब सारा कर्ज लिया था और मेरी पत्नी को शक था कि मैं लश्कर के लिए काम करता हूँ। हेडली ने क हा कि मसूद अजहर जैश-ए-मोहम्मद का मुखिया है। हेडली मसूद से लश्कर की एक सभा में मिला था। सभा में मसूद ने भारत के खिलाफ भड़काऊ भाषण दिए थे।