10 दिन से मां की लाश के साथ ही रह रही थी बेटी....और फिर

लखनऊ: राजधानी लखनऊ मे एक हैरान करने वाली घटना सुनने के लिए मिली है. मां के देहांत के उपरांत कई दिनों तक बेटी उसकी लाश के साथ एकदम अकेली ही रह रही थी. लाश की बदबू पड़ोसियों तक पहुंची, पुलिस को जानकारी दी गई, तब जाकर लाश को निकाला गया. फिलहाल पुलिस  महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए बेच चुकी है. वहीं उसकी 30 वर्ष की बेटी को करीबी रिश्तेदारों के पास भेजा जा चुका है.

घटना इंदिरा नगर थाना इलाके की पॉश कॉलोनी मयूर रेजिडेंसी की बताई जा रही है. जहां HAL से रिटायर्ड इंजीनियर सुनीता दीक्षित अपनी बेटी के साथ अकेले रह रही थीं. तकरीबन 10 वर्ष पहले पति से तलाक होने के उपरांत से मां बेटी मयूर रेजिडेंसी के मकान नंबर 26 में रह रही थीं. कहा जा रहा है कि शुक्रवार दोपहर इंदिरा नगर पुलिस को स्थानीय लोगों ने मकान से बदबू आने की सूचना जारी कर दी थी. कई दिनों से मां-बेटी पड़ोसियों को दिखाई भी नहीं पड़ रहे थे लिहाजा अनहोनी की आशंका में पुलिस को बुलाया गया था. 

पुलिस घटना स्थल पर पहुंची पर पहुंची तो मकान से बदबू आ रही थी. बेटी अंकिता दूसरे कमरे में थी. खिड़की से देखा गया तो कमरे के अंदर सुनीता दीक्षित की लगभग 1 हफ्ते पुरानी लाश पड़ी हुई थी, दरवाजा अंदर से बंद था, ऐसे में पुलिस को दरवाजा तोड़कर लाश निकालनी पड़ गई है. फिलहाल शुरुआती पड़ताल में 30  साल केबेटी अंकिता मानसिक तौर पर बीमार लगी, पूछताछ के उपरांत करीबी रिश्तेदारों को जानकारी दी जा चुकी है. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और बेटी अंकिता को उसके मामा के सुपुर्द भी कर दिया है. मां की मौत कैसे हुई और बेटी मौत को क्यों छुपाती  चली गई? लाश क्यों नहीं दी? पुलिस अब इन सभी पहलुओं की जांच करने में जुट गई है, इसी वजह से शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया. इस केस में इंस्पेक्टर इंदिरा नगर का बोलना है बेटी के अनुसार मां लंबे समय से बीमारी से जूझ रही थी. लिहाजा मौत के कारणों का पता लगाने के लिए पोस्टमार्टम करवाया जा रहा है.

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