मिनी IPL से इस तरह बरबाद हो जाएंगे क्रिकेटर

नई दिल्ली : भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड मिनी इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की तैयारियों में जुटा हुआ है लेकिन इस बीच ऑस्ट्रेलियाई कोच डैरेन लेहमैन का मानना है कि इस तरह के टूर्नामेंट में शामिल होने से खिलाड़ियों को बर्नआउट का खतरा बढ़ जाएगा। लेहमैन ने इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) से अपील की है कि जो खिलाड़ी खेल के तीनों फॉरमैट में खेल रहे हैं उनपर से बोझ को कम किया जाएगा वरना ये अत्यधिक क्रिकेट खेलने (बर्नआउट) के शिकार हो जाएंगे।

उन्होंने शुक्रवार को कहा, अगर सबकुछ इसी तरह चलता रहा और खिलाड़ी आईपीएल भी खेलते रहे तो पूरी आशांका है कि वे चोटों और थकावट के शिकार हो जाएंगे। ऑस्ट्रेलियाई कोच ने स्टीवन स्मिथ और मिशेल मार्श का हवाला दिया जो IPL-9 में कलाई और हैमस्ट्रिंग चोटों के कारण टूर्नामेट को बीच में ही छोड़कर स्वदेश लौट आए थे। लेहमैन ने कहा, अगर आप दो साल का समय देखें तो हमारे सभी खिलाड़ियों को किसी न किसी IPL से वापस लौटना पड़ा।

गौरतलब है कि आईसीसी ने हाल के अपने कार्यक्रम में तब्दीली की थी जिसका फायदा उठाकर IPL सितंबर में एक मिनी टूर्नामेंट कराने पर विचार कर रहा है। लेकिन लेहमैन मानते हैं कि ऐसे टूर्नामेंट से खिलाड़ियों में थकावट और बढ़ेगी। साल 2015 में तीनों फॉरमैट में खेलने वाले ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों ने औसतन 280 दिन विदेशी जमीन पर गुजारे।

लेहमैन ने कहा, भारत में IPL में खेलने का लालच हर खिलाड़ी को अपनी ओर खींचता है लेकिन खिलाड़ियों और आईसीसी को समझना चाहिए कि इस तरह अत्यधिक क्रिकेट खेलने का असर उनके शरीर पर पड़ता है और वे जल्द चोटों के शिकार होते हैं। मुझे उम्मीद है कि आईसीसी इस बात को समझेगी और अपने कार्यक्रम में बदलाव करेगी।

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