ये है कुछ बिना मतलब वाले शादी के रिवाज

रिवाज़ का नाम तो सुना ही होगा न, जो की सभी धर्म में अलग होते है . हमारे देश में बहुत सरे अलग अलग धर्म और जातिया है , जो की सब साथ में रहते है. शादी हर धर्म और जाति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है .

भारत में शादी को एक महोत्सव के तरह मनाया जाता है ,घर में रौनक, रिश्तेदारों की भीड़, खाने से ले कर पुरे घर की सजावट तक का खास ख्याल रखा पड़ता है. लेकिन हमारे देश में अलग-अलग जातियों की शादियों में अलग अलग रिवाज़ हैं, जिनके होने का कारण तो पता नहीं, लेकिन इन सब को जान कर एक बार तो शादी करने से दिल तो घबरा ही जाएगा .

जब दो लोग अपनी नई ज़िंदगी की शुरुआत करते हैं , तो उन्हे घबराट होने लगाती है की वो नए परिवर में एडजस्ट कैसे होंगे . आइए आज हम आपको कुछ शादियों के रिवाज के बारे में बताते है .

1.बंगाली शादी

बंगालियों शादी एक में एक अजीब रिवाज है, शादी के पहली रात पति-पत्नूी साथ नहीं रहते है . शादी के बाद दूल्हा-दुल्हन बहुत जड़ थक जाते है तो उनका एक साथ सोना सही नहीं.. इसलिए अगली रात जब वो तरोताज़ा हों जाए तब वो अपनी सुहाग रात मन सकते है .

2. तमिल ब्राह्मणों

 तमिल ब्राह्मण शादियों का रिवाज़ थोड़ा अजीब है . मंडप पर बैठने दूल्हा नाराज़ हो जाता है ,इसके बाद लड़की का पिता उसे मानते है .

3.सिंधी शादी

सिंधी शादी वैसे तो सही होते है पर दूल्हा दुल्हन की नजर उतरने के लिए , दुल्हे के कपडे फाड़ते है . इसे नजर उतरने का सही तरीका समझ है .

4.बिहारी शादी

बिहारी शादी में दुल्हन सिर पर चावल के बर्तन को रख कर घर के सभी बड़े-बुज़ुर्गों का आशीर्वाद लेती है .

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