करेंट अफेयर्स : भारत द्वारा पृथ्वी-2 मिसाइल का सफल परिक्षण

आज विज्ञान जाने कहाँ से कहाँ पहुंच रहा हैं हर एक दिन कोई न कोई नई खोज कोई न कोई नया परीक्षण हो रहा हैं. भारत ने 18 मई 2016 को परमाणु क्षमता संपन्न और स्वदेश में विकसित पृथ्वी-2 मिसाइल का सफल परिक्षण किया.

मिसाइल का परिक्षण ओडिशा में चांदीपुर परीक्षण रेंज से किया गया और यह सेना के उपयोग के लिहाज से प्रायोगिक परीक्षण था. सतह से सतह पर मार करने में सक्षम इस मिसाइल का परीक्षण यहां एकीकत परीक्षण रेंज (आईटीआर) पर प्रक्षेपण परिसर 3 से सुबह करीब 9 बजकर 40 मिनट पर किया गया.

पृथ्वी 2 के लगातार दो परीक्षण करने की योजना थी. लेकिन पहले सफल परीक्षण के बाद दूसरे परीक्षण के विचार को तकनीकी समस्याओं के चलते छोड़ दिया गया. ओडिशा में चांदीपुर परीक्षण रेंज से 12 अक्टूबर 2009 को दो परीक्षण किए गए थे तथा दोनों सफल रहे थे. मिसाइल के प्रक्षेपण पर डीआरडीओ राडार, इलैक्ट्रो आप्टिकल ट्रैकिंग सिस्टम से निगरानी की गयी. नौ मीटर लंबी पृथ्वी 2 मिसाइल पहली ऐसी मिसाइल है, जिसे डीआरडीओ ने भारत के प्रतिष्ठित आईजीएमडीपी (इंटीग्रेटिड गाइडिड मिसाइल डेवलपमेंट प्रोग्राम) के तहत विकसित किया है.

पृथ्वी-2 मिसाइल से संबंधित मुख्य तथ्य:
• यह मिसाइल 350 किलोमीटर की मारक क्षमता रखती है.
• पृथ्वी-2 मिसाइल 500 से एक हजार किलोग्राम तक के आयुध ले जाने में सक्षम है.
• इसमें लिक्विड प्रोपल्शन टि्वन इंजन लगे हैं.

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