चालू खाते का घाटा GDP के 1.5 फीसदी के करीब

चालू खाते का घाटा GDP के 1.5 फीसदी के करीब

नई दिल्ली : रिज़र्व बैंक के डिप्टी गवर्नर उर्जित पटेल ने हाल ही में यह उम्मीद जताई है कि चालू वित्त वर्ष के दौरान केंद्रीय बैंक को चालू खाते का घाटा (CAD) सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के 1.5 फीसदी के करीब रहने की उम्मीद है. सुचना में यह बात भी स्पष्ट कर दे कि उर्जित ने फिक्की द्वारा हाल ही में आयोजित किये गए सम्मलेन में यह जताया है कि इस साल चालू खाते का घाटा सकल घरेलू उत्पाद के 1.5 फीसदी के दायरे में रहने वाला है. गौरतलब है कि व्यापार घाटे में संकुचन के साथ ही सेवा निर्यात से आय बढ़ने के कारण चालू खाते का घाटा सकल घरेलू उत्पाद के 1.2 फीसदी या 6.2 अरब डॉलर रह गया है.

इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि पुनर्गठन की अच्छी लागत से पूंजी की लागत भी बढ़ती है और RBI यह कोशिश कर रहा है कि इस मामले को जल्द से जल्द सुलझाया जाये. उर्जित ने यह भी कहा है कि यदि पुनर्गठन की लागत अधिक होती है तो पूंजी की लागत उतनी ही बढ़ जाती है. उन्होंने मामले को ध्यान में रखते हुए ही यह भी कहा है कि केंद्र और राज्य का राजकोषीय घाटा भी इस पूंजी की लागत में विशेष भूमिका निहएँगे क्योकि ये सबसे बड़े कर्जदार है.